लखीसराय जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आम नागरिकों की सुविधा व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. सूर्यगढ़ा प्रखंड स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्रृंगी ऋषि धाम और चानन प्रखंड स्थित मां ज्वालप्पा स्थान तक जाने वाले संपर्क मार्गों को जल्द से जल्द मोटरेबल (आवागमन योग्य) बनाने का सख्त आदेश जारी किया गया है. जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने इस संबंध में पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
सावन में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए लिया गया फैसला
जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ये दोनों स्थल जिले ही नहीं, बल्कि संपूर्ण बिहार के प्रमुख धार्मिक व सांस्कृतिक केंद्र हैं:
- सावन में उमड़ती है भीड़: श्रावण मास तथा अन्य धार्मिक त्योहारों पर यहां राज्यभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं.
- दुर्घटनाओं की आशंका: वर्तमान में बारिश के कारण कई जगह गड्ढे हो जाने और सड़कें जर्जर होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. साथ ही आपातकालीन सेवाओं (एम्बुलेंस, पुलिस) के आवागमन में भी काफी बाधा आ रही थी.
विशेष रूप से चिन्हित किए गए ये दो प्रमुख जर्जर मार्ग
डीएम ने श्रृंगी ऋषि धाम जाने वाले दो मुख्य रास्तों की खस्ताहाल स्थिति पर विशेष ध्यान देने को कहा है:
- दाढ़ीसीर से सिमरातली कोड़ासी मार्ग
- दाढ़ीसीर से रामसीर मार्ग
इन दोनों सड़कों की जर्जर स्थिति के कारण स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.
7 दिनों के भीतर मांगी गई प्रगति रिपोर्ट
जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कार्यपालक अभियंता को निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- स्थल निरीक्षण: सड़कों का तुरंत स्थलीय निरीक्षण कर मरम्मत, गड्ढा भराई और सोलिंग का काम शुरू कराया जाए.
- वैकल्पिक व्यवस्था: यदि स्थायी निर्माण में समय लग रहा हो, तो अस्थायी तौर पर रास्ता चलने योग्य बनाया जाए ताकि श्रद्धालुओं को कोई कष्ट न हो.
- अल्टीमेटम: इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट 7 दिनों के भीतर समाहरणालय कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
