मेदनीचौकी: पुराना सलेमपुर वार्ड 7 में बुनियादी सुविधाओं का टोटा; जवाहर योजना के उखड़े खड़ंजे पर चलने को मजबूर ग्रामीण

पुराना सलेमपुर गांव का वार्ड 7 दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. जवाहर योजना के उखड़े खड़ंजे और जलजमाव ने जीवन दूभर कर दिया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब सुधार की मांग की है.

लखीसराय जिले के मेदनीचौकी प्रखंड अंतर्गत पूर्वी सलेमपुर पंचायत का पुराना सलेमपुर गांव (वार्ड संख्या 7) आज भी विकास की रोशनी से कोसों दूर है. कई पंचवर्षीय योजनाएं गुजर जाने के बाद भी यहां के बाशिंदे पक्की गली, जलनिकासी के लिए नाली और सुगम मुख्य रास्ते जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.

जमीनी पड़ताल में यह कड़वी हकीकत सामने आई कि आधुनिक दौर में भी ग्रामीण वर्षों पुरानी जर्जर और संकीर्ण ईंट-खड़ंजे वाली गलियों में जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर हैं.

जवाहर योजना के उखड़े ईंट-खड़ंजे ही सहारा, अब तक नहीं हुई पीसीसी ढलाई

स्थानीय ग्रामीणों—विपिन यादव, विजय यादव, रंजीत यादव, आनो यादव, बहादुर साव, अनिक यादव, रितु कुमारी, भोला साव, जोगी यादव, मुकेश यादव, सुरेश यादव और नरेश यादव सहित दर्जनों लोगों ने अपनी पीड़ा साझा की.

ग्रामीणों ने बताया कि दशकों पूर्व पंचायती राज व्यवस्था के तहत जवाहर रोजगार योजना के समय यहां ईंट का खड़ंजा बिछाया गया था. उसके बाद से आज तक किसी भी योजना से इन गलियों में पीसीसी (कंक्रीट) ढलाई नहीं कराई गई. वर्षों से मरम्मत के अभाव में ईंटें उखड़ चुकी हैं और नुकीले पत्थरों पर चलना हादसों को न्योता दे रहा है.

नाली के अभाव में सड़कों पर बजबजा रहा पानी, जलजमाव का दंश

वार्ड संख्या 7 में जल निकासी की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं है. घरों से निकलने वाला गंदा पानी और बरसात का पानी गलियों में जमा होकर बजबजाता रहता है.

कीचड़ और गंदे पानी के बीच से होकर स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को रोजाना आवाजाही करनी पड़ती है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि जरा सी बारिश होते ही पूरी गली तालाब में तब्दील हो जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है.

जर्जर गली व को दिखाते पुराना सलेमपुर वार्ड 7 के लोग | Prabhat Khabar Network

रास्तों पर अवैध अतिक्रमण और मवेशियों का डेरा

समस्या केवल सड़क और नाली के अभाव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संकीर्ण रास्तों पर अतिक्रमण ने स्थिति को और विकराल बना दिया है.

ग्रामीणों का आरोप है कि गलियों से मुख्य सड़क तक जाने वाले मुख्य संपर्क मार्ग पर कुछ दबंग लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है. इसके अलावा, कई जगहों पर ईंट-खड़ंजे वाले रास्ते पर ही मवेशियों को बांधा जाता है और गोबर व गंदगी फैलाकर रास्ते को पूरी तरह बाधित कर दिया गया है.

पंचायती राज के जिम्मेदारों की बेरुखी से फूटा आक्रोश

गांव के लोगों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मुखिया और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भारी असंतोष है. ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही वार्ड 7 को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी से मांग की है कि अतिक्रमण हटाकर अविलंब पीसीसी ढलाई व पक्की नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से उपेक्षित इस गांव का कायाकल्प हो सके.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By रणजीत कुमार शर्मा

रणजीत कुमार शर्मा प्रिंट माध्यम में 10 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. मेदनीचौकी (लखीसराय) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >