लखीसराय जिले के पिपरिया प्रखंड में गंगा और सहायक नदियों के उफान से जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. दियारा क्षेत्र में बाढ़ ने गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. प्रखंड के सुदूर छोर पर बसे कन्हरपुर और पथुआ गांव में बाढ़ के हालात बेहद नाजुक हो चुके हैं. बाढ़ का पानी झोपड़ियों और कच्चे मकानों में घुस जाने के कारण कई गरीब परिवारों का चूल्हा पिछले दो दिनों से नहीं जल पाया है.
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, जिनके पास दो मंजिला पक्के मकान हैं, वे किसी तरह छतों पर अस्थायी चूल्हा बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं. वहीं अधिकांश पीड़ित परिवार जान-माल की रक्षा के लिए ऊंचे टीलों और सरकारी स्कूलों में शरण लेने को विवश हैं.
पानी से घिरे पथुआ के तीन टोले
दियारा के अंतिम सीमांत गांव पथुआ में बाढ़ की स्थिति सबसे अधिक विकराल बनी हुई है. गांव के तीनों टोलों में तेज बहाव के साथ बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे सैकड़ों झोपड़ियां डूब गई हैं. ये तीनों टोले पूरी तरह से बाढ़ के पानी में घिर गए हैं, जिससे लोगों का एक टोले से दूसरे टोले में जाना भी मुश्किल हो गया है.
पथुआ दियारा के स्थानीय निवासी बचकूं रजक, टुन्ना रजक और राम उदय भगत ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि कई परिवारों को रात में भूखे पेट ही सोना पड़ रहा है. सोमवार दोपहर से प्रशासन द्वारा एक स्थानीय विद्यालय में भोजनालय शुरू कराया गया है, लेकिन चारों तरफ पानी भरा होने और नावों की कमी के चलते तीनों टोलों के पीड़ित वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे सबको भोजन नहीं मिल पा रहा है. नावों की कमी के कारण कई लोग भोजन से वंचित रह जा रहे हैं और लोगों को भोजन मिलने में देरी हो रही है.
अशोक सम्राट भवन में युद्धस्तर पर राशन पैकिंग, वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय
बाढ़ पीड़ितों की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा राहत सामग्री जुटाने का काम तेज कर दिया गया है. जिला मुख्यालय स्थित सम्राट अशोक भवन में सोमवार दोपहर से ही सूखा राशन पैकेट तैयार करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.
राहत वितरण की तैयारियों का सीधा जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता (एडीएम) नीरज कुमार और उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सुमित कुमार खुद मौके पर मौजूद रहे. वरीय अधिकारियों ने राहत सामग्री के गुणवत्तापूर्ण पैकेट तैयार कर अविलंब प्रभावित इलाकों में भेजने के निर्देश दिए हैं.
प्रशासनिक दावा: शुरू हुई सामुदायिक रसोई, मंगलवार से बढ़ेगा दायरा
स्थानीय बीडीओ और सीओ ने बताया है कि प्रभावित पथुआ गांव के एक विद्यालय में सामुदायिक रसोई शुरू कर दी गई है, जहाँ पीड़ितों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
पूरे मामले पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) प्रभाकर कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि फिलहाल एक स्कूल में भोजनालय का सुचारू संचालन किया जा रहा है. जलभराव के चलते लोगों को हो रही आवागमन की दिक्कत को देखते हुए मंगलवार से दूसरे भोजनालय का संचालन भी शुरू करा दिया जाएगा, ताकि किसी भी पीड़ित परिवार को भोजन की किल्लत न झेलनी पड़े.
