मेदनीचौकी (लखीसरय). प्रखंड के टाल क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर मौजे के रकबों में धान की रोपनी अब अंतिम चरण में है. किसान विजय यादव, बिन्देश्वरी पासवान, सिकंदर यादव, मुकेश यादव, अजय शर्मा, अनुप यादव, रामाधार पासवान इत्यादि दर्जनों किसानों ने बताया कि उक्त मौजे में बारिश भरे मौसम से खेतों में नमी का सहयोग तो मिला लेकिन धान रोपाई के लिए माकूल पानी नहीं हो पायी. प्राथमिक स्टेज में धान रोपाई के लिये पर्याप्त पानी की जरूरत होती है.
पानी के लिए निजी नलकूपों का सहारा
पर्याप्त पानी के लिये किसानों को निजी नलकूप का सहारा लेना पड़ा. बिजली आधारित चलने वाली ये नलकूप किसानों को बीच - बीच में बिजली बाधित का सामना करते हुए धान रोपाई के लक्ष को पूरा करने के तरफ अग्रसर हुआ. अगर बिजली बाधित होने की बाधाएं नहीं आती तो उक्त मौजे की धान रोपाई अब तक समाप्त हो जाती. वहीं कुछ रकवों में जलजमाव की भी समस्या से किसानों को सामना करना पड़ता है. पईन के साफ-सफाई नहीं रहने के कारण ये जलजमाव की समस्या रहती है. किसानों ने बताया कि पईन से नदी में गिरने वाले स्त्रोत को कुछ निजी स्वार्थ वाले मछली रोजगार से जुड़े लोगों के द्वारा अतिक्रमण कर रोका जा रहा है. जिसे जिम्मेदारों द्वारा अतिक्रमण मुक्त काराने की जरूरत है.
