लगातार बारिश से राहत, धनरोपनी पकड़ी जोर

जिले में पिछले चार दिन से हो रही बारिश से लोगों को गर्मियों से राहत मिली है. वहीं किसानों को भी धान की रोपनी करने में सहूलियत मिल रही है

लखीसराय.

जिले में पिछले चार दिन से हो रही बारिश से लोगों को गर्मियों से राहत मिली है. वहीं किसानों को भी धान की रोपनी करने में सहूलियत मिल रही है. साथ ही मौसम सुहाना होने के कारण धान की रोपनी करने में मजदूरों को भी काफी आराम मिल रहे हैं. इससे धान की रोपनी की गति में तेजी आयी है. इस बार मक्का की खेती भी किसानों ने की है. मक्का की खेती लक्ष्य के मुकाबले 90 प्रतिशत आच्छादन किया जा चुका है. वहीं धान की रोपनी भी 36 प्रतिशत से पार कर चुकी है. यानि धान की रोपनी अभी तक 15 हजार हेक्टेयर में हो चुकी है. धनरोपनी लखीसराय जिले में अगस्त माह तक किया जाता है.

110 दिन में हाइब्रिड व 155 दिन मंसूरी, सीता नस्ल का धान होता है तैयार

इस बार सबसे अधिक हाइब्रिड की धान की खेती की गयी है. इस लिए देर से किसान द्वारा रोपनी की जाती है और 110 से 130 दिन में पौधे तैयार हो जाते हैं. जिले में मध्यम व बड़े-बड़े किसान साल के लिए घर में खाने को लेकर मंसूरी सीता धान की खेती करते हैं. शेष खेत में हाइब्रिड धान लगाते हैं. जिससे कि किसान को अच्छे मुनाफे की उम्मीद होती है. कम दिन में फसल भी तैयार हो जाती है व किसान खलिहान से ही धान बेच देते हैं. वहीं हाईब्रीड के कई ऐसे नस्ल हैं. जिसमें कम पानी भी हो तो भी उपज में कोई कमी नहीं होती है. घर में चावल उपयोग करने के जिस किसान द्वारा मंसूरी सीता व अन्य देसी नस्ल के धान की खेती करते हैं. उन्हें समय से यानि जुलाई व अगस्त के एक पखवारा के अंदर रोपनी करनी होती है, जो कि 155 से 165 दिन में तैयार हो जाती है.

बोले जिला कृषि पदाधिकारी

डीएओ कुंदन कुमार ने बताया कि धान की खेती इस जिले के लगभग किसान करते हैं. कृषि विभाग द्वारा इस बार हाइब्रिड बीज का वितरण किया गया है. जिससे किसान अच्छे मुनाफे कमा लेते हैं. वहीं इस बार सदर प्रखंड व पिपरिया के किसानों को मक्का एवं सोयाबीन का बीज भी दिया गया है.

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