तैयारी. ताड़ी व्यवसायी नीरा बिक्री के लिए ले रहे उत्पाद विभाग से लाइसेंस
शराबबंदी को सफल बनाने को अप्रैल 2016 से अप्रैल 2017 तक में उत्पाद विभाग द्वारा 2438 छापेमारी की गयी जिसमें 152 व्यक्ति को जेल भेजा गया.
लखीसराय : शराब व्यवसाय का संचालन करने वाला उत्पाद विभाग राज्य सरकार के शराबबंदी अभियान को लेकर भी काफी सजग है. शराबबंदी पर काफी कुछ कर चुके उत्पाद विभाग इन दिनों पूर्ण शराब बंदी को लेकर नीरा व्यवसाय के संचालन पर जोर दे रही है. इसके लिए लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर ताड़ी व्यावसायियों को सजग किया गया है. शराबबंदी के दौरान अप्रैल 2016 से अप्रैल 2017 तक में उत्पाद विभाग द्वारा 2438 छापेमारी की गयी. जिसके तहत मिले साक्षयों पर 128 अभियोग दर्ज कर 152 लोगों को जेल भेजने का कार्य किया है. जिसमें से 70 अभी भी जेल में बंद हैं.
जबकि अन्य लोग जमानत पर हैं. अभी दर्ज अभियोग में से लगभग 27 फरारी भी है. लखीसराय के उत्पाद अधीक्षक पराशर शर्मा बताते हैं कि शराब बंदी को लेकर लगातार निरोधात्मक कार्य जारी है. अप्रैल 2016 से अप्रैल 2017 तक में हुई छापेमारी में उत्पाद पुलिस द्वारा 209 लीटर अवैध देशी शराब, 200 लीटर विदेशी शराब, 254 लीटर अवैध मशालेदार शराब, 210 लीटर चुलाई शराब, 265 किलो जावा महुआ जब्त किया गया है. पूर्ण नशाबंदी की चर्चा करते हुए 12 किलो भांग, 94 ग्राम गांजा, 625 किलो महुआ फूल के साथ 52 लीटर ताड़ी भी बरामद किया गया. इन दिनों विनिष्टीकरण का कार्य जोरों पर है.
संसाधनों का है रोना
लखीसराय जिला उत्पाद विभाग में संसाधनों व पर्याप्त बल की भी काफी कमी है. ऐसे में विभाग को छापेमारी वगैरह के लिये पुलिस विभाग की बैशाखी का सहारा लेने की विवशता बना हुआ है. उत्पाद विभाग में स्वीकृत 20 सिपाही के जगह पर 10 सिपाही, चार एएसआइ व चार अवर निरीक्षक के स्वीकृत पद के विरुद्ध एक एक पदाधिकारी हैं. ऐसे में उत्पाद निरीक्षक और उत्पाद अधीक्षक तक को फील्ड वर्क में प्राय: जाना पड़ता है. इसके बावजूद रेल या टाउन पुलिस से शराब के खिलाफ कार्रवाई में समकक्ष सफलता प्राप्त सूझबूझ का नतीजा है.
अब तक प्राप्त हुए हैं चार सौ आवेदन
उत्पाद विभाग इन दिनों राज्य सरकार के निर्देशानुसार पूर्ण शराबबंदी की घोषणा को सार्थक करने में जुटा है. इसके तहत ताड़ी व्यवसायियों को नीरा के धंधे से जोड़ने का कार्य प्रारंभ किया गया है. ताड़ पेड़ पर चढ़ने वाले को इसके लिये आवेदन प्राप्त कर निबंधन कर लाइसेंस प्रदान किया जा रहा है. बुधवार को छुट्टी के बावजूद लाइसेंस को लेकर आवेदकों की भीड़ जुटी हुई थी. उत्पाद अधीक्षक पराशर शर्मा के अनुसार अब तक 400 के लगभग नीरा व्यवसाय से जुड़ने को लेकर आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. जिसमें से 298 लोगों के आवेदन पर स्वीकृति मिल चुकी है. लगभग 100 से अधिक लोगों को लाइसेंस दिया जा चुका है. सारी प्रक्रिया नि:शुल्क समाहरणालय स्थित उत्पाद विभाग के कार्यालय से संचालित की जा रही है.
