लखीसराय : शहर के बीचोबीच अवस्थित शहीद द्वार के समीप ऑटो व टमटम लगाये जाने की पुरानी परंपरा प्रशासन के लिए सिरदर्द बना हुआ है. कई बार पुलिस को लाठी चटकानी पड़ी. अधिकारी खड़े होकर ऑटो रिक्शा सड़क पर लगाने से मना किया. इस तरह का प्रशासनिक प्रयास अनेकों बार किया गया. लेकिन हालत टस से मस नहीं हुआ. हाल ही में टाउन थाना की पुलिस व बीडीओ मंजुल मनोहर मधुप के द्वारा ऑटो चालक को वाहन सड़क पर खड़ा नहीं करने के लिए हड़काया गया.
दूसरे दिन ही ऑटो सड़क पर लगना शुरु हो गया. मंगलवार को एसडीओ डॉ शैलजा कवैया ओपी पुलिस के साथ शहीद द्वार स्टेशन के समीप तकरीबन दो घंटे तक मॉनीटरिंग कर सड़क पर ऑटो व रिक्शा को नहीं लगने दिया. एसडीओ के दिशा निर्देश पर मुख्य सड़क पर पुलिस तैनात रही. जिसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार रजक को दंडाधिकारी नियुक्त करने का निर्देश देते हुए ऑटो व रिक्शा पर कड़ी नजर रखने को कहा. कार्यपालक पदाधिकारी श्री रजक के द्वारा 12 व 14 अप्रैल तक पचना रोड मोड़ पर कनीय अभियंता शम्स अहमद, शहीद द्वार पर व्यास मुनी राम व चितरंजन रोड मोड़ पर नगर प्रभारी
प्रबंधक अमित कुमार को चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था रखने के लिए नियुक्त किया गया है. उक्त सभी दंडाधिकारी द्वारा जहां तहां ऑटो खड़ा करने पर कार्रवाई किया जायेगा. लेकिन सिर्फ दो दिनों में ऑटो चालक द्वारा इस तरह की हरकत से बाज आयेंगे या नहीं इस बात की गारंटी कोई नहीं दे सकता है. ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए प्रशासन द्वारा कई बार पहल की गयी है. लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल पाया. शहर के संकीर्ण व तंग शहर में अब तक कई नियम व कानून लगा कर हटा भी दिया गया है.
