दुर्गंध व गंदे पानी के बीच रहना मजबूरी
लखीसराय : शहर को साफ -सुथरा रखने के लिए नप प्रशासन प्रतिदिन हजारों रुपये खर्च करता है. नप के द्वारा डोर टू डोर कूड़ा उठाव की व्यवस्था की गयी है. इसके बावजूद शहर में जहां-तहां फैली गंदगी व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता प्रतीत होती है. नाला कचरे से भरे हैं. सड़कों पर फैल रहा नाले का पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. नाले की साफ-सफाई के लिए कारगर प्रयास नहीं किया जा रहा.
शहर के वार्ड नौ में भी सड़कों पर फैला गंदा पानी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है. वार्ड की हर गली का यही हाल है. इस वार्ड में चार विद्यालय संचालित हैं. स्कूली बच्चों को भी हर रोज इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है. इससे बच्चों में संक्रमित बीमारी का खतरा बना रहता है. नगर परिषद के द्वारा शहर में ठेके पर सफाई की व्यवस्था की गयी है, लेकिन इन कर्मियों के द्वारा शहर के मुख्य सड़क की सफाई कर कोरम पूरा कर लिया जाता है. मुहल्ले के लोग नरकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं.
बोले वार्डवासी
वार्ड वासी अरविंद कुमार भारती ने बताया शहर में मुख्य सड़क की सफाई तो हो जाती है, लेकिन गलियों में फैली गंदगी के कारण लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं. मुकेश कुमार के मुताबिक मुहल्ले के कई गलियों में पानी जमा है. इसकी वजह से आवागमन भी कठिनाई से हो पाता है.
लोग किसी तरह दीवार से सट कर आवागमन करते है. मुहल्ले में कभी भी महामारी फैल सकती है. न तो मुहल्ले की गलियों की सफाई होती है न ब्लीचिंग पाउडर वगैरह का छिड़काव हो पाता है. रंजीत कुमार के मुताबिक मुहल्ले में गंदगी के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. हमेशा संक्रमण का डर बना रहता है. गंदे नाले का पानी जमा रहने से बदबू फैली रहती है. बबलू कुमार ने कहा कि वार्ड में एक भी दिन सफाई कर्मी नहीं आते हैं. इससे वार्ड के अंदर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. नाला भी कचरे के कारण जाम रहता है.
