यहां की राजनीति सिर्फ वोट तक ही सीमित रह गयी : अरविंद फोटो : 6(सभा के दौरान मंचासीन ईंचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह उर्फ मलखान सिंह व अन्य.प्रतिनिधि, जमुई जमुई विधानसभा क्षेत्र का पिछले 20-25 वर्षों का इतिहास देखेंगे तो यहां की राजनीति सिर्फ वोट तक ही सीमित रह गयी है. सामाजिक स्तर पर कोई भी परिवर्तन नहीं हुआ है. सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी भूमिका नहीं निभा रहे हैं. अराजकता और भय का वातावरण कायम है. यहां के जनप्रतिनिधि अपनी दायित्व को नहीं निभा कर सिर्फ अपने व अपनी परिवार के लिए कार्य कर रहे है. उक्त बातें मुख्यालय स्थित शगुन वटिका में अपने अनुज निर्दलीय प्रत्याशी धर्मवीर भदौरिया उर्फ प्रवीण सिंह के पक्ष में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ईंचागढ़ (सरायकेला,झारखंड) के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह उर्फ मलखान सिंह ने कहा. उन्होंने कहा कि यहां के नेताओं की मानसिकता गलत रही है और इनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा इतनी बढ़ गयी हैं कि ये लोग सिर्फ अपने परिवार तक ही सीमित रह गये हैं. ये मान,सम्मान और स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ कर और लोगों को गुमराह कर सिर्फ अपनी राजनीति चमकाते रहे हैं और कोई भी काम इनके इशारे के बगैर नहीं होता है. ऐसा भय का महौल बना कर रखे हैं.साथ ही कहा कि वर्तमान जनप्रतिनिधि ने जनता के साथ जो वादा किये थे, वे नहीं निभा पाये. इस कारण वे माफी के लायक भी नहीं है. निर्दलीय प्रत्याशी धर्मवीर भदौरिया उर्फ प्रवीण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान जनप्रतिनिधि के प्रति जनता में आक्रोश देखा जा रहा है. क्षेत्र में पिछड़ापन व बुनियादी सुविधाओं को घोर अभाव का कारण वर्तमान जनप्रतिनिधि ही हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि से अब मुक्ति पाने का समय आ गया है. जमुई की जनता एकजुट होकर जात-पात,परिवारवाद की राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधि को मुंहतोड़ जवाब देंगे. मैं विधायक के रूप में नहीं बल्कि जनसेवक के रूप में आपलोगों की सेवा करना चाहता हूं. मौके पर उनके समर्थक उपस्थित थे.
यहां की राजनीति सर्फि वोट तक ही सीमित रह गयी : अरविंद
यहां की राजनीति सिर्फ वोट तक ही सीमित रह गयी : अरविंद फोटो : 6(सभा के दौरान मंचासीन ईंचागढ़ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह उर्फ मलखान सिंह व अन्य.प्रतिनिधि, जमुई जमुई विधानसभा क्षेत्र का पिछले 20-25 वर्षों का इतिहास देखेंगे तो यहां की राजनीति सिर्फ वोट तक ही सीमित रह गयी है. सामाजिक स्तर […]
