लखीसराय : एक तरफ राजग कानून व्यवस्था एवं विकास को लेकर खड़ी है, वहीं दूसरी ओर जंगल राज-2 के एक्टर नीतीश और निर्माता निर्देशक लालू खड़े हैं. आपको इनमें से चुनना है. उक्त बातें सोमवार को केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज कुमार सिन्हा ने बड़हिया में चुनावी सभा में कही.
सिन्हा ने कहा कि नीतीश महत्वाकांक्षी व्यक्ति हैं. पीएम पद पाने के लिए बिहार की जनता एवं भाजपा के साथ धोखा किया है. फिर मुख्यमंत्री की कुरसी हासिल करने के लिए लालू एवं सोनिया गांधी से हाथ मिला लिया. जंगल राज दस्तक देने लगा है.
जंगल राज-1 को आप लोगों ने संघर्ष कर बिहार से हटाया था. फिर जंगल राज-2 लालू व नीतीश मिल कर लाना चाहते थे. इस बार इन्हें हिंद महासागर पहुंचा दें. मोदी जी ने बिहार के अनेक योजनाओं में 125 लाख करोड़ रुपये का विशेष पैकेज दिया. जिससे बिहार का विकास हो सके. प्रधान मंत्री ने एक वर्ष में दीघा एवं मुंगेर रेल सड़क पुल में 600-600 करोड़ रुपये निर्माण के लिए दिया. बिहार सरकार ने परिचालन में अड़चन डाल दिया. चुनाव से पूर्व रेल पुल चालू हो जाता, तो मोदी जी का नाम हो जाता.
इसे नीतीश ने पूरा नहीं होने दिया. चुनाव समाप्त होते ही एक माह के अंदर मुंगेर एवं दो माह में दीघा पुल का परिचालन होकर बिहार को समर्पित कर दिया जायेगा.
सिन्हा ने कहा कि बड़हिया टाल बिहार में दलहन के लिए प्रसिद्ध हैं. जहां दूध की नदियां बहती थीं. राजनीतिक संवेदनहीनता के चलते दोनों की स्थिति बदतर हो गयी है. नीतीश एवं लालू सरकार में भी आर्थिक बोझ हैं और बाहर भी. इन दोनों को विकास से कोई मतलब नहीं रहा है.
आप लोग बिहार में एनडीए की सरकार स्थापित करें. ताकि टाल व अन्य की समस्या दूर हो सके. 16 माह की मोदी सरकार ने भारत की आर्थिक सुधार के साथ ही देश विदेश में भारत का सम्मान बढ़ाया है. इन दिनों में देश में एक भी भ्रष्टाचार का केस उजागर नहीं हुआ है. इसके बाद श्री सिन्हा गंगा सराय, खुटहा, डुमरी ,जैतपुर सहित कई गांव में नुक्कड़ सभा कर लोगों से जन संपर्क किया.
नहीं लिया कैलाशपति मिश्रा का नाम
लखीसराय : केंद्रीय रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने बड़हिया के धरती पुत्र व समाजवादी नेता स्व कपिलदेव सिंह एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व ललित विजय सिंह को चुनावी सभा में श्रद्धांजलि अर्पित की. लेकिन भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले कैलाशपति मिश्रा का जन्मदिन होने के बावजूद उनका नाम तक नहीं लिया.
