छात्र लोन की मुश्किलें हुई आसान

पड़ोसी राज्यों से शिक्षा लिए छात्रों को भी मिलेगा लोन एक अप्रैल से बैंकों की जगह शिक्षा वित्त निगम से मिलेगा लोन लखीसराय : पड़ोसी राज्यों से इंटर करने वाले विद्यार्थियों को भी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन दिया जायेगा. अब तक सिर्फ बिहार के शिक्षण संस्थानों से इंटर पास को ही इस […]

पड़ोसी राज्यों से शिक्षा लिए छात्रों को भी मिलेगा लोन

एक अप्रैल से बैंकों की जगह शिक्षा वित्त निगम से मिलेगा लोन
लखीसराय : पड़ोसी राज्यों से इंटर करने वाले विद्यार्थियों को भी स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन दिया जायेगा. अब तक सिर्फ बिहार के शिक्षण संस्थानों से इंटर पास को ही इस योजना का लाभ दिया जाता था. एससीसी को लेकर नयी गाइड लाइन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है. जिसमें छात्र लोन की कई मुश्किल को आसान बनाया गया है. लखीसराय में शुरू से ही इस योजना की प्रोग्रेस अच्छी नहीं रही है. वित्तीय वर्ष 2016-17 में ही लिया गया 800 एससीसी का लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है. नयी गाइड लाइन से स्थिति में सुधार की उम्मीद बढ़ी है. इसके लिए समाहरणालय से थोड़ा हटकर सदर प्रखंड के महिसोना में अवस्थित जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र में सिर्फ छात्रों को आवेदन जमा करने की जरूरत है.
अब इस योजना में चार प्रतिशत ब्याज दर पर लोन मिलेगा. वहीं महिलाओं और दिव्यांगों को मात्र एक प्रतिशत ब्याज ही देना होगा. दो लाख तक के लोन को 65 महीने और दो लाख रुपये से अधिक के लोन को 84 महीने में लौटाना होगा. नौकरी लगने पर लोन लिए विद्यार्थियों को ब्याज के साथ कर्ज लौटाना है. एक और अच्छी बात है कि अगर पढ़ाई पूरी करने के बाद भी नौकरी नहीं लगती है तो इसके लिए लोन लिए युवाओं को साल में दो बार सिर्फ शपथ पत्र जमा करना होगा. नये गाइड लाइन में स्नातक के बाद के कोर्स की पढ़ाई के लिए कर्ज की उम्र सीमा 30 वर्ष तक तय किया गया है. जबकि इंटर के बाद के कोर्स के लिए यह उम्र सीमा 25 वर्ष ही रहेगी. अब एक अप्रैल से बैंकों के जगह शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से लोन देने की व्यवस्था की गयी है. डीआरसीसी के सहायक प्रबंधक मोहम्मद इम्तियाज अहमद से मिली ताजा रिपोर्ट के अनुसार इस योजना की शुरुआत होने के 18 माह होने को है और मात्र 282 आवेदन प्राप्त हुआ है. 28 मार्च तक 134 छात्रों को कर्ज के रूप में एक करोड़ 06 लाख 47 हजार 17 रुपये मात्र बैंक से दिये गए हैं. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जयन्ती पर 02 अक्टूबर 2016 में इस लोन योजना की शुरुआत की गई. जिसमें छात्रों को चार लाख रुपये तक की कर्ज उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए दिया जाता है. डीआरसीसी में मिले 282 आवेदन में 277 के कागज़ातों का अवलोकन कर 252 को स्वीकृति देकर 251 आवेदन विभिन्न बैंकों के पास कर्ज निर्गत करने के लिए भेजा गया. बैंकों ने 251 में 196 को कर्ज के लिए स्वीकार कर 165 आवेदकों को स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड जारी किया. बैंकों द्वारा 06 आवेदन को रिजेक्ट कर 22 को लौटा दिया गया. जबकि 03 अभी भी कार्रवाई के लिए लंबित है.
कुल 165 छात्रों के लिए पांच करोड़ 69 लाख 65 हजार 610 रुपये का लोन पर सहमति बनी है. डीआरसीसी प्रबंधक जुली कुमारी के अनुसार बैंकों के असहयोग के कारण मामला लटका करता था. नये गाइड लाइन एवं शिक्षा वित्त निगम के गठन से अधिक से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जाएगा.

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