कालाजार की रोकथाम को ले विभाग ने कसी कमर

चार प्रखंड के 14 गांव चिह्नित, किया जा रहा एसपी का छिड़काव लखीसराय : जिले में कालाजार अपना पांव पसारे, इससे पूर्व इसके रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है. पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष विभाग ने चिह्नित गांव की संख्या कम किया है. वर्ष 2017 में जहां 78,540 आबादी […]

चार प्रखंड के 14 गांव चिह्नित, किया जा रहा एसपी का छिड़काव

लखीसराय : जिले में कालाजार अपना पांव पसारे, इससे पूर्व इसके रोकथाम के लिये स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरु कर दी है. पिछले वर्ष के अपेक्षा इस वर्ष विभाग ने चिह्नित गांव की संख्या कम किया है. वर्ष 2017 में जहां 78,540 आबादी प्रभावित होने को लेकर छिड़काव किया गया. वहीं इस वर्ष 64,318 आबादी प्रभावित होने को लेकर चिह्नित किया गया है. पिछले वर्ष पिपरिया प्रखंड के वलीपुर के एक एवं सूर्यगढ़ा प्रखंड के मानो, हबरतगंज एवं माहा में एक एक कालाजार से प्रभावित लोग पाये गये.
जिनका इलाज सदर अस्पताल में किया गया. इसके साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से इस बीमारी से ग्रसित प्रत्येक रोगियों को 6600 रुपये नकद चेक के द्वारा दिया गया. इस साल कालाजार को लेकर लखीसराय के रजौना चौकी, बड़हिया के कल्याणपुर एवं सूर्यगढ़ा के मानो, रामपुर, हैबतगंज, माहा, पिपरिया के दियारा पिपरिया, वलीपुर, रामचंद्रपुर, मुरवरिया एवं जजवारा गांव को चिह्नित किया गया. कालाजार में बचने के लिये आशा दीदी द्वारा घर घर जाकर इससे बचने की जानकारी दी जा रही है. वहीं छिड़काव दल द्वारा कालाजार के विरुद्ध सिंथेटिक पाराथोराइड का छिड़काव किया जा रहा है.
इसका छिड़काव कार्य 21 मार्च से ही प्रारंभ कर दिया गया है. जिसको लेकर चार पीएचसी को सेंटर बनाया गया है. इस बीमारी को लेकर मार्च, मई व अगस्त महीनें मे ज्यादा डर होता है. एसपी का छिड़काव का तीन महीने तक असर रहता है. छिड़काव वाले स्थान पर रंगाई पुताई का कार्य नहीं होना चाहिये. कालाजार प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ रामाश्रय प्रसाद सिंह का कहना है कि कालाजार बालू मक्खी के काटने से होता है. यह बीमारी किसी व्यक्ति को भी हो सकता है. साफ सुथरा एवं छिड़काव करने पर बालू मक्खी वैसे जगह पर नहीं होता है. उन्होंने बताया कि इसके लिये लोगों को जागरुक भी किया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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