प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को नहीं पहनाया गया अमलीजामा
समय-समय पर विभिन्न राजनैतिक दलों व चेंबर की स्थानीय इकाई के बैनर तले लोग लंबे अरसे से कर रहे इसकी मांग
सूर्यगढ़ा : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास समीक्षा यात्रा के तहत आगामी 29 दिसंबर को लखीसराय में होंगे. लोगों को उम्मीद है कि समीक्षा यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री लखीसराय जिला को नववर्ष के पूर्व कई तोहफा देंगे जिससे जिले में विकास कार्यों में गति आयेगी.
ऐसे में सूर्यगढ़ा प्रखंड के लोगों को भी आस है कि मुख्यमंत्री सूर्यगढ़ा को अनुमंडल का दर्जा दिये जाने की घोषणा कर सकते हैं. सूर्यगढ़ा को अनुमंडल का दर्जा देने की क्षेत्र के लोगों की मांग दशकों पुरानी है. समय-समय पर क्षेत्र की जनता विभिन्न राजनैतिक दलों एवं चेंबर की स्थानीय इकाई के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपे गये मांग पत्र द्वारा अपनी भावनाओं से अवगत कराती रही है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के पूर्व प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को लेकर तेजी से की जा रही कवायद चुनाव के बाद ठंडे बस्ते में पड़ गया.
जदयू पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय महतो के मुताबिक राज्य सरकार ने सूबे में जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए नये प्रशासनिक इकाइयों के गठन का प्रस्ताव पर कार्य तो शुरू किया लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद भी इस प्रशासनिक पुनर्गठन को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका. मुख्यमंत्री के लखीसराय आगमन के बाद क्षेत्र के लोगों की उम्मीदें एक बार फिर करवट लेने लगी है. उम्मीद है माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सूर्यगढ़ा को अनुमंडल का दर्जा दिये जाने की घोषणा कर इस क्षेत्र के लोगों को नया साल के पूर्व एक बड़ा तोहफा देंगे.
क्यों मिले अनुमंडल का दर्जा: सूर्यगढ़ा प्रखंड में अनुमंडल स्तरीय कई कार्यालय हैं. 28 पंचायतों वाला यह प्रखंड क्षेत्रफल, जनसंख्या, भौगोलिक एवं ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अनुमंडल बनने की पात्रता रखता है. सूर्यगढ़ा को अंग्रेजों ने 1935 एक्ट के तहत थाना का दर्जा दिया था. यहां सिंचाई, विद्युत, पथ निर्माण, पीएचइडी विभाग का अनुमंडलीय कार्यालय है. पुलिस अनुमंडल बनाने की भी घोषणा की गयी थी. वहीं पिछले विधानसभा चुनाव के पूर्व सूबे में तीन नये प्रमंडल, 11 नया जिला, 20 नया अनुमंडल तथा 310 प्रखंड के गठन की प्रक्रिया शुरू की गयी थी. प्रस्तावित अनुमंडल में लखीसराय जिला के सूर्यगढ़ा प्रखंड को भी शामिल किया गया था.
लंबे समय से उठता रहा है अनुमंडल का मुद्दा
सूर्यगढ़ा को अनुमंडल का दर्जा दिये जाने का मुद्दा दो दशक पूर्व से उठता रहा है. सघन आबादी वाले सूर्यगढ़ा प्रखंड को लंबे समय से उपेक्षित रखे जाने से क्षेत्र के लोगों में निराशा है. लोगों की जुबान पर एक ही सवाल है आखिर कब मिलेगा सूर्यगढ़ा को अनुमंडल का दर्जा. जदयू पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष संजय महतो, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र महतो के पत्रांक 5701812 दिनांक 07 अगस्त 2012, जदयू के तत्कालीन जिला महासचिव प्रवीण कुमार पंकज द्वारा 16 दिसंबर 2008 में पत्र भेजकर माननीय मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया था.
जदयू नेता जनार्दन मेहता ने भी माननीय मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूर्यगढ़ा को अनुमंडल का दर्जा दिये जाने की मांग की थी. चेंबर की सूर्यगढ़ा इकाई ने भी अपनी मांग पत्र में इसे प्रमुखता के साथ जगह दी. भाकपा, राजद सहित अन्य राजनीतिक पार्टियों ने अपने आंदोलन में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया. प्रखंड पंचायती समिति की बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया. लेकिन आज भी क्षेत्र के लोगों को घोषणा का इंतजार है.
