Kishanganj PDS Scam: किशनगंज. किशनगंज-ठाकुरगंज मुख्य सड़क पर सरकारी खाद्यान्न की कथित चोरी और कालाबाजारी का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि टेंगरमारी स्थित इंडियन पेट्रोल पंप से लेकर ठाकुरगंज तक कई स्थानों पर सरकारी अनाज से लदे ट्रक और ट्रैक्टरों को रोककर खाद्यान्न के बोरे उतार लिए जाते हैं. हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कई चौकों को बताया जा रहा है संवेदनशील
स्थानीय लोगों के अनुसार पिपलाचौक, गाछपारा चौक, टावर चौक, सालकी चौक और बेलवा चौक ऐसे स्थान हैं, जहां कथित रूप से सरकारी अनाज से लदे वाहनों को रोककर बोरे उतारे जाते हैं. आरोप है कि इसके बाद अनाज को दूसरे बोरों में भरकर कुछ ही मिनटों में वहां से हटा दिया जाता है.
सूचना तंत्र के जरिए संचालित होने का आरोप
ग्रामीणों का दावा है कि इस पूरे कथित नेटवर्क के लिए एक सूचना तंत्र भी सक्रिय है. आरोप है कि मोटरसाइकिल सवार कुछ लोग अलग-अलग स्थानों पर नजर रखते हैं और जैसे ही सरकारी खाद्यान्न से लदा वाहन गुजरता है, उसकी सूचना आगे पहुंचा दी जाती है. इसके बाद तय स्थान पर वाहन रोककर कथित रूप से खाद्यान्न उतार लिया जाता है.
प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मुख्य सड़क, पेट्रोल पंप और व्यस्त चौकों पर इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो पुलिस, आपूर्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन को प्रभावी निगरानी करनी चाहिए. लोगों ने सवाल उठाया कि सरकारी राशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक ठोस रणनीति क्यों नहीं बनाई गई.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे आरोप
स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पहले पोठिया प्रखंड क्षेत्र में भी सरकारी खाद्यान्न से लदे वाहनों से बोरे उतारने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. उस समय जांच और कार्रवाई की बात कही गई थी, लेकिन लोगों का आरोप है कि स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ.
सख्त कार्रवाई और निगरानी की मांग
Kishanganj PDS Scam: ग्रामीणों और सामाजिक लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मार्ग पर विशेष निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे लगाने और मोबाइल पेट्रोलिंग शुरू करने की मांग की है. साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है.
