सात नए स्टेशन के साथ अब जिले में 100 किमी ट्रैक पर होगा रेल परिचालन
ठाकुरगंज किशनगंज जिले के रेल सुविधाओं में 15 सितम्बर को एक नया अध्याय जुड़ जाएगा. उस दिन किशनगंज जिले में मौजूद वर्तमान रेलवे स्टेशन की संख्या दोगुनी होकर 14 रेलवे स्टेशन हो जाएगी और रेल ट्रैक की लंबाई करीब 100 किमी तक पहुंच जाएगी जो अभी 37 किलोमीटर है. बताते चले वर्तमान में किशनगंज जिले में 7 रेलवे स्टेशन कार्यरत है, जिसमें किशनगंज, पोठिया, तैयबपुर, ठाकुरगंज, पिपरिथान, गलगलिया के अलावे धुलाबाड़ी स्टेशन है, लेकिन गलगलिया(ठाकुरगंज)-अररिया नई रेल लाइन के उद्घाटन के बाद इस जिले में रेल लाइन की संख्या जहां दोगुनी हो जाएगी. स्थानीय लोगों की माने तो गलगलिया(ठाकुरगंज)-अररिया नई रेल लाइन परियोजना के शुरू होने से सीमावर्ती इलाकों को सीधी रेल सुविधा मिलेगी, जिससे गांव और कस्बों का शहरों से जुड़ाव मजबूत हो जाएगा. साथ ही लोगों को यात्रा में सहूलियत मिलेगी, जिससे इसका असर शिक्षा, रोजगार, व्यापार और कृषि जैसे क्षेत्रों में साफ दिखाई देगा.बताते चले प्रस्तावित ठाकुरगंज से चातारहाट नई रेल लाइन की योजना यदि धरातल पर उतरती है तो जिले में दो से तीन नए स्टेशन और जुड़ सकते हैं, जिससे किशनगंज और अधिक क्षेत्रों से सीधा जुड़ जाएगा. इस नई रेल लाइन के लिए रेलवे द्वारा सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है.दूर दराज के लोगों को होगी सुविधा
नई रेल लाइन के 15 सितम्बर को उद्घाटन के बाद सूबे के सबसे पिछड़ा इलाका रेल मानचित्र पर आ जायेगा. बताते चले किशनगंज का यह ऐसा इलाका है, जहां आजादी के सात दशक बाद भी लोगो ने अब तक ट्रेने नहीं देखी है. दिघलबैंक, टेढ़ागाछ, बहादुरगंज जैसे पिछड़े इलाके इस नई रेल परियोजना से सीधे लाभान्वित होंगे. कहा जा सकता है कि यह रेल नेटवर्क किशनगंज को प्रगति की नई राह पर ले जाएगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
