ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
Garib Nawaz Express Diverted Route: भारतीय रेलवे जहां एक तरफ आधुनिकीकरण और विश्वस्तरीय स्टेशनों के निर्माण का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं सीमांचल के ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. कटिहार रेल मंडल में चल रहे नॉन-इंटरलोकिंग और मेंटेनेंस कार्य के कारण लगातार तीसरे दिन अजमेर-दिल्ली से न्यू जलपाईगुड़ी (NJP) को जाने वाली 15716 गरीब नवाज एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग (डायवर्टेड रूट) से ठाकुरगंज होकर गुजारा गया. लेकिन, बिना किसी पूर्व तैयारी और यात्री सुविधाओं की बहाली के लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव यहां कराना यात्रियों के लिए प्रताड़ना साबित हो रहा है. शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात को करीब दो घंटे तक ट्रेन के स्टेशन पर खड़े रहने के दौरान यात्री बुनियादी सुविधाओं की एक-एक बूंद के लिए तरसते नजर आए.
कटिहार में इंजन रिवर्सल का झंझट; ढाई घंटे की देरी से पहुंची ट्रेन
रेलवे कंट्रोल रूम और ठाकुरगंज स्टेशन के परिचालन समय-सारणी के अनुसार, ट्रेन के शेड्यूल और कड़ियों में मची अफरा-तफरी का ब्यौरा निम्नलिखित है:
- समय में भारी फेरबदल: गरीब नवाज एक्सप्रेस का ठाकुरगंज स्टेशन पर पहुंचने का निर्धारित समय देर रात 2:30 बजे तय किया गया था, लेकिन कटिहार जंक्शन पर इंजन रिवर्सल (दिशा परिवर्तन) की कछुआ गति प्रक्रिया के कारण ट्रेन अपने तय समय से काफी विलंबित हो गई.
- घंटों खड़ी रही ट्रेन: ट्रेन अंततः तड़के सुबह 3:03 बजे ठाकुरगंज प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर आकर रुकी. इसके बाद भी परिचालन विंग की सुस्ती के कारण जो ट्रेन 2:40 बजे प्रस्थान करने वाली थी, उसे सुबह 5:02 बजे हरी झंडी दिखाई गई. इस तरह तकरीबन दो घंटे तक सैकड़ों यात्री नींद और थकान से चूर होकर स्टेशन की अव्यवस्था को कोसते रहे.
महिलाओं और बुजुर्गों को हुई भारी फजीहत; बूंद-बूंद पानी को भटके मुसाफिर
“ट्रेन के कोच में पानी पूरी तरह खत्म हो चुका था. जब हम स्टेशन के नलों की तरफ दौड़े, तो अधिकांश नल सूखे पड़े थे. जो एकाध चालू थे, वहां का पानी पीने योग्य नहीं था. वेंडर की दुकानें भी रात में बंद थीं.”
आधी रात के इस ठहराव में यात्रियों को जिन गंभीर कड़ियों का सामना करना पड़ा, वे इस प्रकार हैं:
- शौचालयों में लटके ताले: स्टेशन परिसर और प्लेटफॉर्म पर बने सुलभ शौचालय या तो पूरी तरह लॉक थे या फिर उनमें अत्यधिक गंदगी और पानी का अभाव था, जिसके कारण महिला यात्रियों और बुजुर्गों को बेहद शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा.
- अंधेरे का साया: प्लेटफॉर्म के कई हिस्सों में प्रकाश व्यवस्था (लाइटिंग) दुरुस्त नहीं होने के कारण सुरक्षा का खतरा भी मंडराता रहा.
बिना तैयारी रूट डायवर्जन पर भड़के स्थानीय लोग; आंदोलन की दी चेतावनी
रेलवे के इस संवेदनहीन रवैये को लेकर न केवल ट्रेन के यात्री बल्कि ठाकुरगंज के स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और रेल उपभोक्ता संघर्ष समिति के सदस्यों में भी गहरा आक्रोश व्याप्त है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कटिहार रेल मंडल को पहले से पता था कि गरीब नवाज एक्सप्रेस और अन्य वीआईपी ट्रेनों को लगातार तीन दिनों तक ठाकुरगंज के रास्ते ही चलाया जाना है, तो यहां आपातकालीन पेयजल टैंकर, अतिरिक्त सफाईकर्मी और चौबीसों घंटे चालू रहने वाले रिफ्रेशमेंट स्टॉल की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
नागरिकों ने रेलवे बोर्ड और डीआरएम (DRM) कटिहार से मांग की है कि ठाकुरगंज स्टेशन पर तत्काल प्रभाव से शुद्ध पेयजल, सुसज्जित प्रतीक्षालय (वेटिंग रूम) और चालू शौचालय की मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं. यदि भविष्य में डायवर्टेड ट्रेनों के यात्रियों को दोबारा ऐसी असुविधा झेलनी पड़ी, तो स्थानीय लोग ठाकुरगंज रेलवे ट्रैक पर उतरकर रेल चक्का जाम आंदोलन करने को विवश होंगे.
