किशनगंज से गौरव कुमार की रिपोर्ट
Viral Video: बिहार पुलिस की छवि को धूमिल करने और वर्दी के रौब में आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. जिला मुख्यालय के व्यस्ततम गांधी चौक पर ठेला चालकों और स्थानीय दुकानदारों के साथ गाली-गलौज करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और यातायात व्यवस्था को मनमाने ढंग से प्रभावित करने के आरोपी सिपाही निभाकर चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. किशनगंज जिला पुलिस कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर सिपाही की इस बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद त्वरित संज्ञान लेते हुए यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है.
ट्रैफिक डीएसपी की जांच में खुला राज: ड्यूटी के दौरान शराब पीने का आरोप
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियों और विभागीय जांच के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- सोशल मीडिया पर इनपुट: एसपी संतोष कुमार को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो प्राप्त हुआ था. इस वीडियो में सदर थाना में पदस्थापित सिपाही निभाकर चौधरी गांधी चौक पर वाहनों और ठेलों को जबरन इधर-उधर हटाते और लोगों पर चिल्लाते नजर आ रहे थे. स्थानीय लोगों ने उनके अत्यधिक शराब के नशे में होने का दावा किया था.
- डीएसपी स्तर से जांच: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी ने इसकी तत्क्षण जांच की कमान ट्रैफिक डीएसपी (Traffic DSP) को सौंपी.
- गवाहों के बयान: जांच के क्रम में ट्रैफिक डीएसपी ने गांधी चौक के स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और पीड़ित ठेलेदारों से पूछताछ की. प्रत्यक्षदर्शियों ने पुष्टि की कि घटना के दिन उक्त सिपाही संभवतः भारी नशे में था और उसने सरेआम लोगों के साथ स्वेच्छाचारिता और अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था.
सस्पेंड कर जीवन यापन भत्ता पर भेजा; 7 दिनों के भीतर मांगा स्पष्टीकरण
वर्दी का मनमानापन अक्षम्य: पुलिस विभाग की जांच रिपोर्ट में सिपाही निभाकर चौधरी का यह कृत्य घोर लापरवाही, मनमानेपन, घोर अनुशासनहीनता और पुलिस नियमावली के सर्वथा विपरीत पाया गया है.
प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने के बाद एसपी ने कड़ा विभागीय हंटर चलाया है:
- तत्काल निलंबन: सिपाही निभाकर चौधरी को सस्पेंड कर पुलिस लाइन क्लोज कर दिया गया है. निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें केवल सरकारी नियमों के तहत न्यूनतम सामान्य जीवन यापन भत्ता ही देय होगा.
- शोकॉज नोटिस: आरोपी सिपाही को विभागीय जांच (Departmental Inquiry) का सामना करने के लिए ७ दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण (Explanation) पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समर्पित करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया गया है. संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है.
“जनता से शालीनता से पेश आएं कर्मी”; एसपी की दो टूक चेतावनी
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जिले के सभी थानों, चौकियों, यातायात विंग और तकनीकी सेल के हर स्तर के पुलिस अधिकारियों व छोटे से बड़े कर्मियों को कड़ी हिदायत जारी की है.
एसपी का मुख्य निर्देश:
- शालीन व्यवहार: सड़क पर ड्यूटी या थानों में आने वाले हर एक आम नागरिक, गरीब, किसान और असहाय व्यक्ति के साथ पुलिस को बेहद शालीनता और संवेदनशीलता पूर्वक व्यवहार करना होगा.
- कड़ा संदेश: कानून के रखवाले ही यदि रक्षक भक्षक बनेंगे या मद्यनिषेध कानून का उल्लंघन करेंगे, तो उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. आमजनों से गलत व्यवहार या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर सीधे निलंबन और कानूनी एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी. इस सख्त संदेश से किशनगंज पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर कड़ा संदेश गया है.
