ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट
SBI ATM Security Guard Missing: किशनगंज जिले के ठाकुरगंज नगर से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है, शहर के मुख्य बाजार स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एटीएम केंद्र पर सुरक्षा गार्ड की लगातार अनुपस्थिति स्थानीय ग्राहकों और आम जनता के बीच गहरी चर्चा तथा चिंता का विषय बनी हुई है, व्यस्त बाजार क्षेत्र होने के कारण इस एटीएम पर सुबह से लेकर देर रात तक नकद निकासी और अन्य डिजिटल बैंकिंग कार्यों के लिए उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा के नाम पर यहाँ केवल तीसरी आंख (सीसीटीवी कैमरे) ही नजर आती है, कोई मानवीय सुरक्षा बल मौजूद न होने से किसी भी अनहोनी की आशंका से उपभोक्ता डरे-सहमे हैं.
ग्राहकों का छलका दर्द, केवल सुविधा नहीं सुरक्षा भी है जरूरी
स्थानीय उपभोक्ताओं और व्यवसायियों का कहना है कि बैंक के बाहर लगा बोर्ड ग्राहकों को बेहतर सेवा का भरोसा तो दिलाता है, एटीएम का दरवाजा भी खुला रहता है और मशीनें भी सामान्य रूप से काम करती हैं, लेकिन सुरक्षा के मोर्चे पर भारी ढिलाई है:
- विश्वास की कमी: नगरवासियों का मानना है कि किसी भी प्रतिष्ठित सार्वजनिक बैंक के एटीएम से ग्राहकों की अपेक्षा केवल 24 घंटे नकद सुविधा की नहीं, बल्कि उनके जीवन और गाढ़ी कमाई की सुरक्षा की भी होती है.
- मनोवैज्ञानिक दबाव खत्म: एटीएम पर एक वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी की मौजूदगी असामाजिक तत्वों और झपटमारों पर एक कड़ा मनोवैज्ञानिक दबाव बनाए रखती है, जो गार्ड के न होने से पूरी तरह समाप्त हो चुका है.
तकनीक बनाम मानवीय सुरक्षा: जानकारों का अलग तर्क
बैंकिंग गाइडलाइन: हालांकि, इस पूरे मामले पर बैंकिंग क्षेत्र और वित्तीय सुरक्षा से जुड़े जानकारों का एक अलग तकनीकी तर्क है, जानकारों के अनुसार बदलते डिजिटल समय के साथ रिजर्व बैंक और वाणिज्यिक बैंकों की नीति के तहत अधिकांश एटीएम केंद्रों से फिजिकल सुरक्षा गार्डों की तैनाती को धीरे-धीरे समाप्त या बेहद सीमित कर दिया गया है.
अब बैंकों द्वारा सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी अत्याधुनिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों, मोशन सेंसर अलार्म सिस्टम और सीधे मुंबई या क्षेत्रीय मुख्यालय से जुड़े केंद्रीय ऑनलाइन निगरानी तंत्र (E-Surveillance) पर आधारित कर दी गई है.
कैमरे सिर्फ रिकॉर्ड कर सकते हैं, वारदात रोक नहीं सकते: नगरवासी
बैंकों के इस तकनीकी तर्क के बावजूद ठाकुरगंज के आम लोगों के मन में एक जायज और बड़ा सवाल आज भी बना हुआ है कि क्या कैमरे किसी आपात स्थिति (जैसे लूटपाट या एटीएम तोड़ना) में मौके पर तत्काल हस्तक्षेप कर सकते हैं? तकनीक अपनी जगह महत्वपूर्ण है और वह पूरी घटना को हूबहू रिकॉर्ड कर सकती है, लेकिन किसी बड़ी वारदात को ऑन-स्पॉट रोकने के लिए आखिर मौके पर कौन मौजूद होगा? यही यक्ष प्रश्न आज ठाकुरगंज के प्रबुद्ध नागरिकों के बीच चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु बना हुआ है, स्थानीय व्यवसायियों ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक से मांग की है कि बाजार की संवेदनशीलता को देखते हुए कम से कम नाइट शिफ्ट (रात्रि सेवा) में यहाँ गार्ड की तैनाती अनिवार्य की जाए.
