कलवर्ट क्षतिग्रस्त होने के बाद जागा विभाग, ठाकुरगंज–मुरलीगंज मार्ग के दोनों छोर पर लगायेगा बैरियर

Thakurganj Murliganj Road Damage : ठाकुरगंज-मुरलीगंज मार्ग पर कलवर्ट क्षतिग्रस्त होने के बाद पथ निर्माण विभाग ने भारी वाहनों पर रोक लगाने और बैरियर लगाने का निर्णय लिया है.

Thakurganj Murliganj Road Damage : वर्षों से बालू खदानों तक जाने वाले भारी वाहनों का दबाव झेल रहे ठाकुरगंज–मुरलीगंज मार्ग पर अब पथ निर्माण विभाग सख्त हो गया है. एक कलवर्ट के क्षतिग्रस्त होने के बाद विभाग ने सड़क के दोनों छोर पर बैरियर लगाने का निर्णय लिया है. साथ ही जिला प्रशासन को पत्र लिखकर अवैध डायवर्सन बंद कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.

भारी वाहनों से जर्जर हुआ ठाकुरगंज–मुरलीगंज मार्ग

पथ प्रमंडल, किशनगंज के कार्यपालक अभियंता ने 10 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को भेजे पत्र में बताया कि ठाकुरगंज–मुरलीगंज मार्ग सिंगल लेन सड़क है, जहां 21 पुरानी और जर्जर पुलियाएं मौजूद हैं. इनमें अधिकांश ईंट और ह्यूम पाइप से बनी हैं, जो लगातार भारी वाहनों का भार सहने के लिए उपयुक्त नहीं हैं.

11वें किलोमीटर का कलवर्ट हुआ क्षतिग्रस्त

विभाग के अनुसार मार्ग के 11वें किलोमीटर पर स्थित कलवर्ट बालू लदे ट्रकों के लगातार परिचालन के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो अन्य पुलियों के क्षतिग्रस्त होने का भी खतरा बना हुआ है.

विभागीय पत्र में 'बालू माफिया' का उल्लेख

पथ निर्माण विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि क्षतिग्रस्त कलवर्ट के पास बालू माफियाओं द्वारा रातों-रात अवैध डायवर्सन बना दिया गया है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन जारी है. विभाग ने जिला प्रशासन से इस अवैध रास्ते को तत्काल बंद कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.

पहले भी धंस चुका है एक कलवर्ट

इसी मार्ग पर जून 2026 में माणिकपुर के समीप स्थित पांच स्पैन वाला कलवर्ट भी धंस गया था. उस समय मरम्मत के साथ भारी वाहनों के आवागमन पर अस्थायी रोक लगाई गई थी. इसके बावजूद पूरे मार्ग की कमजोर पुलियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक व्यवस्था नहीं की गई. अब दूसरी घटना के बाद विभाग ने सड़क के दोनों छोर पर बैरियर लगाने का फैसला किया है.

स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें

कलवर्ट क्षतिग्रस्त होने से सबसे अधिक परेशानी आसपास के स्कूली बच्चों को हो रही है. विधाननगर के विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब वैकल्पिक रास्ते से स्कूल जाना पड़ रहा है. इससे यात्रा की दूरी और समय दोनों बढ़ गए हैं. बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है.

प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी लोगों की नजर

विभागीय पत्र के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि जब वर्षों से इसी मार्ग पर बालू लदे भारी ट्रकों का परिचालन हो रहा था, तब जर्जर पुलियों की सुरक्षा के लिए समय रहते प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए. अब लोगों की नजर प्रशासन पर है कि वह अवैध डायवर्सन बंद कराने, बैरियर लगाने और भारी वाहनों के अनियंत्रित परिचालन पर कब तक प्रभावी रोक लगा पाता है.


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लेखक के बारे में

बच्छराज प्रिंट माध्यम में 25 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. ठाकुरगंज (किशनगंज) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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