राष्ट्रीय राजमार्ग NH-327E पर ठाकुरगंज स्थित पुल की सड़क इन दिनों अत्यंत बदहाल स्थिति में पहुंच चुकी है. पुल के ऊपरी हिस्से से कई जगहों पर डामर (पिच) उखड़ गया है और बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं. लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण सड़क की हालत दिन-ब-दिन और खराब होती जा रही है, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को गंभीर परेशानियों और दुर्घटना के खतरे का सामना करना पड़ रहा है.
व्यस्ततम हाईवे पर 24 घंटे रहता है भारी वाहनों का दबाव
NH-327E ठाकुरगंज को जिला मुख्यालय किशनगंज, गलगलिया और भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाकों से जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा (Lifeline) है. इस अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय महत्व वाले मार्ग पर दिन-रात:
- भारी मालवाहक ट्रक व कंटेनर,
- यात्री बसें,
- एंबुलेंस,
- स्कूली बसें और निजी वाहन गुजरते हैं.
सुबह और शाम के पीक आवर्स (Peak Hours) में पुल पर बने गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार अचानक धीमी हो जाती है, जिससे अक्सर लंबा जाम लग जाता है.
अचानक ब्रेक और झटकों से हादसे का डर
पुल की जर्जर स्थिति के कारण तेज रफ्तार में आ रहे वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है. कई बार गड्ढों से बचने के चक्कर में चालक अनियंत्रित होकर गाड़ी मोड़ देते हैं, जिससे पीछे से आ रही गाड़ियों के टकराने की आशंका बनी रहती है.
स्थानीय चालकों का कहना है कि भारी ट्रकों के गुजरने पर पुल पर तेज झटके महसूस होते हैं, जिससे दोपहिया और छोटे वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ने का डर हमेशा बना रहता है.
बारिश में पानी भरे गड्ढे बन रहे 'साइलेंट किलर'
बारिश होने पर पुल पर बने गड्ढों में जलजमाव हो जाता है, जिससे चालकों को उनकी वास्तविक गहराई का पता नहीं चल पाता.
- दोपहिया चालक सबसे अधिक प्रभावित: पानी से भरे गड्ढों के कारण अक्सर बाइक और स्कूटी सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं.
- रात के वक्त बढ़ा खतरा: रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था न होने और पानी भरे गड्ढों के न दिखने के कारण रात के समय सफर करना जानलेवा साबित हो रहा है.
NHAI और संबंधित विभाग से तत्काल मरम्मत की मांग
स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि खराब सड़क के कारण मालवाहक वाहनों का परिचालन बाधित हो रहा है, जिससे व्यापार पर भी असर पड़ रहा है. बार-बार ध्यान आकृष्ट कराए जाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
क्षेत्र के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और संबंधित निर्माण एजेंसी से:
- पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण (Technical Inspection) कराने,
- गड्ढों को भरकर नया डामर (पेचवर्क/पिचिंग) बिछाने, और
- आवागमन को सुरक्षित बनाने की पुरजोर मांग की है.
चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई तो बरसात के इस मौसम में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
