किशनगंज जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक बड़ी और ऐतिहासिक मजबूती मिली है. बुधवार को सदर अस्पताल, किशनगंज में अत्याधुनिक गहन चिकित्सा इकाई (ICU) का संयुक्त रूप से उद्घाटन जिलाधिकारी नवीन कुमार एवं स्थानीय विधायक कमरूल हुदा द्वारा किया गया. इस अत्याधुनिक आईसीयू सुविधा के शुरू होने से अब जिले के गंभीर मरीजों को आपातकालीन व जीवनरक्षक इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
'गोल्डन आवर' में मिलेगा इलाज, रेफरल की समस्या से मिलेगी मुक्ति
अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस इस आईसीयू के शुरू होने से जिलेवासियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत मिली है:
- 24 घंटे निगरानी व इलाज: दुर्घटना (Accidents), हृदयाघात (Heart Attack), ब्रेन स्ट्रोक और गंभीर संक्रमण से पीड़ित मरीजों को अब तत्काल और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा.
- समय और धन की बचत: अब तक गंभीर मरीजों को पूर्णिया, सिलीगुड़ी या पटना रेफर करना पड़ता था, जिससे परिजनों पर आर्थिक और मानसिक दबाव बनता था. अब मरीजों को 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) के भीतर जिले में ही इलाज उपलब्ध हो सकेगा.
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकता
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिला अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. सीमांचल क्षेत्र के पिछड़ेपन को देखते हुए किशनगंज में आईसीयू का संचालन एक मील का पत्थर साबित होगा.
उद्घाटन समारोह में ये गणमान्य लोग रहे मौजूद
आईसीयू के उद्घाटन और निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे:
- सिविल सर्जन (CS): डॉ. राजकुमार चौधरी
- उपाधीक्षक (DS): डॉ. अनवार हुसैन
- स्थानीय प्रतिनिधि व अन्य: वार्ड पार्षद मनीष जालान, अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तथा शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे. सभी ने आईसीयू की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इसे जिला अस्पताल की बड़ी उपलब्धि बताया.
