सीमांचल के किशनगंज जिले के सांस्कृतिक और सामाजिक परिदृश्य को नया आयाम देने के लिए एक बहुप्रतीक्षित और महत्वाकांक्षी सौगात मिलने जा रही है. शहर के ऐतिहासिक खगड़ा मेला ग्राउंड में करीब 18 से 19 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक भव्य, सर्वसुविधायुक्त और पूरी तरह वातानुकूलित (फुल्ली एयर-कंडीशनर) ऑडिटोरियम के निर्माण का रास्ता साफ हो रहा है. इस अत्याधुनिक सभागार में एक साथ 600 से अधिक लोगों के बैठने की आरामदायक क्षमता होगी. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि कला एवं संस्कृति विभाग के स्तर से इस परियोजना की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है.
वर्षों पुरानी मांग होगी पूरी, बड़े आयोजनों का स्थायी ठिकाना
किशनगंज में लंबे समय से एक सर्वसुविधायुक्त और बड़े प्रेक्षागृह की कमी शिद्दत से महसूस की जा रही थी. राष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, साहित्यिक संगोष्ठियां, सांस्कृतिक संध्याएं या बड़े प्रशासनिक-सामाजिक सम्मेलन कराने के लिए शहर में उपयुक्त इनडोर स्पेस का अभाव था. मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने स्पष्ट किया कि खगड़ा मेला परिसर में इस विशाल ऑडिटोरियम के बन जाने से यह ऐतिहासिक कमी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी.
सेंट्रलाइज्ड एसी, आधुनिक साउंड और 600+ क्षमता से लैस होगा हॉल
प्रस्तावित ऑडिटोरियम को आधुनिक आर्किटेक्चरल डिजाइन पर तैयार किया जाएगा:
- क्षमता: मुख्य हॉल में 600 से अधिक दर्शकों के लिए आरामदायक पुश-बैक कुर्सियों की व्यवस्था होगी.
- आधुनिक तकनीक: पूरा परिसर सेंट्रलाइज्ड एसी, अत्याधुनिक एकॉस्टिक (ध्वनि नियंत्रण) सिस्टम, आधुनिक स्टेज लाइटिंग और विशाल मंच से सुसज्जित रहेगा.
- अन्य सुविधाएं: कलाकारों के लिए ग्रीन रूम, वीआईपी लाउंज, पर्याप्त पार्किंग स्पेस और आधुनिक अग्निशमन सुरक्षा प्रणाली की व्यवस्था रहेगी.
स्थानीय कलाकारों और सामाजिक संगठनों को मिलेगा सशक्त मंच
इस सभागार के निर्माण से जिले के उभरते रंगकर्मियों, संगीतकारों और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन के लिए एक स्थायी, गरिमामय और पेशेवर मंच उपलब्ध होगा. इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों को भी बड़े सम्मेलनों के आयोजन में सुगमता होगी.
सांस्कृतिक गतिविधियों और कला को मिलेगा नया जीवन
मंत्री ने कहा कि ऑडिटोरियम न केवल सांस्कृतिक गतिविधियों को गति देगा, बल्कि जिले में रचनात्मक और बौद्धिक विमर्श का प्रमुख केंद्र भी बनेगा. कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
