जन सुराज पार्टी आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में पूरी मजबूती और दमखम के साथ चुनावी अखाड़े में उतरेगी. पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह बिहार विधान परिषद की सभी आठ रिक्त सीटों पर अपने अधिकृत प्रत्याशी मैदान में उतारेगी. यह जानकारी जन सुराज के किशनगंज जिलाध्यक्ष इसहाक आलम ने एक प्रेस वार्ता के दौरान दी.
जिलाध्यक्ष ने बताया कि विशेष रूप से कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर पार्टी ने अपनी जमीनी तैयारियां तेज कर दी हैं और इसके लिए प्रमंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं को टास्क सौंपे जा चुके हैं.
प्रशांत किशोर की मौजूदगी में पूर्णिया में बनी रणनीति
आगामी चुनावी समर को लेकर पिछले दिनों पूर्णिया में संगठन की एक उच्चस्तरीय व महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी:
- प्रत्याशी चयन पर मंथन: जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की सीधी उपस्थिति में हुई बैठक में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से संभावित और जिताऊ प्रत्याशियों के नामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया.
- रणनीति का खाका: बैठक में चुनाव अभियान को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने, संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने और स्नातकों (मतदाताओं) से सीधा संपर्क साधने को लेकर वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने सुझाव साझा किए.
बूथ और क्षेत्रवार संगठन की धार तेज करने पर जोर
एमएलसी चुनाव में मतदाताओं की विशिष्ट प्रकृति को देखते हुए जन सुराज ने सूक्ष्म प्रबंधन की नीति अपनाई है:
- घर-घर मतदाता संपर्क: कोसी स्नातक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों में स्नातक मतदाताओं का डेटाबेस तैयार कर उनसे संपर्क स्थापित किया जा रहा है.
- बूथ स्तर पर निगरानी: पार्टी हर बूथ और पंचायत स्तर पर समर्पित कार्यकर्ताओं की टोली तैनात कर रही है, ताकि चुनाव के दिन शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कराया जा सके.
'युवाओं का भरोसा ही हमारी असली ताकत': इसहाक आलम
किशनगंज में पार्टी के विस्तार की जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष इसहाक आलम ने कहा:
- बढ़ता जनाधार: किशनगंज जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में संगठन को सशक्त और धारदार बनाने के लिए व्यापक अभियान चल रहा है. जन सुराज की जनहितकारी नीतियों और सिद्धांतों से प्रभावित होकर समाज के सभी वर्गों के लोग तेजी से जुड़ रहे हैं.
- युवाओं में क्रेज: उन्होंने रेखांकित किया कि खासकर शिक्षित युवाओं में पार्टी के विजन को लेकर खासा उत्साह है. आगामी विधान परिषद चुनाव में संगठन की यही एकजुटता और जनसमर्थन जन सुराज की सबसे बड़ी ताकत साबित होगी.
