भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों की स्वच्छता और रखरखाव पर हर साल करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. गुरुवार को 15701 कटिहार–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर कर रहे रेल यात्रियों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बेहद नारकीय स्थिति का सामना करना पड़ा. ट्रेन के अधिकांश कोचों के शौचालय गंदगी से पटे रहे और कई डिब्बों में पानी तक उपलब्ध नहीं था, जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश देखा गया.
शौचालयों में पसरी गंदगी, महिला व बुजुर्ग यात्रियों की बढ़ी फजीहत
यात्रा कर रहे यात्रियों के अनुसार, ट्रेन के एकाध कोच नहीं बल्कि लगभग सभी बोगियों के शौचालयों का हाल बेहाल था:
- पानी का अकाल: पानी उपलब्ध न होने के कारण फर्श पर गंदगी और दुर्गंध बनी रही, जिससे शौचालयों का इस्तेमाल करना दूभर हो गया.
- विशेष यात्री प्रभावित: पानी और स्वच्छता के अभाव में सबसे ज्यादा कठिनाई महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को झेलनी पड़ी.
- नियमित समस्या: यात्रियों ने आरोप लगाया कि 15701 इंटरसिटी एक्सप्रेस में पानी की किल्लत और गंदगी की समस्या अब रोजाना की बात बन गई है. बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं.
ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने जताई कड़ा ऐतराज
कटिहार रेल मंडल की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए 'ठाकुरगंज रेल यात्री समिति' ने इस स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है.
समिति का बयान: "रेलवे यात्रियों से पूरा किराया वसूलता है, लेकिन स्वच्छ शौचालय और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं देने में भी नाकाम साबित हो रहा है. जब सीमांचल और उत्तर बंगाल को जोड़ने वाली इस प्रमुख इंटरसिटी ट्रेन का यह हाल है, तो रेलवे के स्वच्छता पखवाड़े और अभियानों के दावे पूरी तरह खोखले नजर आते हैं."
सुधरें हालात वरना होगा बड़ा आंदोलन: रेल यात्री समिति
ठाकुरगंज रेल यात्री समिति ने कटिहार रेल मंडल प्रशासन से निम्नलिखित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की मांग की है:
- सफाई और पानी की गारंटी: ट्रेन के प्रत्येक फेरे (Trip) की शुरुआत से पहले सभी डिब्बों व शौचालयों की धुलाई और टैंकों में पर्याप्त पानी भरना अनिवार्य किया जाए.
- जवाबदेही तय हो: सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और संबंधित रेल अधिकारियों पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई हो.
- आंदोलन की चेतावनी: समिति ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही इंटरसिटी एक्सप्रेस की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हुआ, तो रेल यात्रियों के हित में उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी.
