ठाकुरगंज (किशनगंज). कोलकाता जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. एनजेपी से कोलकाता जाने वाली अधिकतर ट्रेनें रद्द हैं या घंटों की देरी से चल रही हैं. रेल सेवा बाधित होने के कारण यात्रियों को दूसरे विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है, लेकिन हवाई और सड़क मार्ग भी उन्हें राहत देने के बजाय जेब पर भारी पड़ रहे हैं. ऐसे में कोलकाता जाने वाले यात्रियों के सामने समय के साथ बढ़ते खर्च की भी चुनौती खड़ी हो गयी है.
ट्रेन का भरोसा टूटा तो विमान का बढ़ा किराया
रेल सेवा प्रभावित होने के बाद कई यात्री हवाई सफर का विकल्प तलाश रहे हैं. लेकिन 4 सितंबर को बागडोगरा से कोलकाता जाने वाली कई उड़ानों का किराया 14 हजार रुपये से अधिक पहुंच गया है. वहीं कुछ कनेक्टिंग फ्लाइट का किराया 19,443 रुपये तक बताया जा रहा है. ऐसे में परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों के लिए हवाई सफर काफी महंगा साबित हो रहा है.
सड़क मार्ग से भी 30 हजार रुपये तक खर्च
हवाई किराये के अलावा सड़क मार्ग से कोलकाता जाने वाले यात्रियों की परेशानी भी कम नहीं है. सिलीगुड़ी से कोलकाता की करीब 561 किलोमीटर की दूरी के लिए छह सीटर कैब का किराया 29,717 से 30,015 रुपये तक पहुंच गया है. सड़क मार्ग से सफर पूरा करने में करीब 12 घंटे का समय लग रहा है.
तीन विकल्प, लेकिन हर रास्ते में परेशानी
रेल संकट के बीच यात्रियों के सामने ट्रेन, विमान और सड़क मार्ग तीन प्रमुख विकल्प हैं, लेकिन तीनों ही मुश्किलों से घिरे हैं. ट्रेनें रद्द या विलंबित हैं, विमान का किराया सामान्य से काफी अधिक है और सड़क मार्ग से कैब का खर्च करीब 30 हजार रुपये तक पहुंच गया है.
यात्रियों के लिए सफर बना समय और जेब की परीक्षा
कोलकाता जाने वाले यात्रियों का कहना है कि रेल सेवा बाधित होने से उन्हें अचानक यात्रा की योजना बदलनी पड़ रही है. जिन यात्रियों के लिए ट्रेन सबसे सुविधाजनक और किफायती विकल्प थी, उन्हें अब महंगे वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है. इससे कोलकाता का सफर अब सिर्फ समय की नहीं, बल्कि जेब की भी बड़ी परीक्षा बन गया है.
