आपदा के समय घबराये नहीं, संयम व समझदारी से ले काम: प्रशिक्षक

टेढ़ागाछ के भोरहा पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन, फुलबड़िया में शुक्रवार को सशस्त्र सीमा बल 12वीं बटालियन के तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया

-सीमा क्षेत्र में एसएसबी व एसडीआरएफ की संयुक्त मॉक ड्रिल -100 लोगों को दिया गया आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण किशनगंज टेढ़ागाछ के भोरहा पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन, फुलबड़िया में शुक्रवार को सशस्त्र सीमा बल 12वीं बटालियन के तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के सहयोग से यह आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आपदा के समय सतर्क, सक्षम एवं जागरूक बनाना तथा उन्हें त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशिक्षित करना था. मॉक ड्रिल के दौरान एसएसबी के राहत एवं बचाव दल तथा एसडीआरएफ के प्रशिक्षित जवानों ने संयुक्त रूप से विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के व्यावहारिक तरीके का प्रदर्शन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रक मुख्यालय रानीडांगा के डीसी संजय शाह ने की. इस मौके पर एसी बलदेव सिंह (ई समवाय माफी टोला) एवं एसी या कॉमन विनय कुमार मिश्रा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे. अभ्यास के दौरान ध्वस्त भवन के मलबे में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक दिखाया गया. जवानों ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से दीवार काटकर विक्टिम तक पहुंच बनाने और उसे सुरक्षित बाहर निकालने का सफल प्रदर्शन किया. इसके साथ ही प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने के तरीके भी समझाए गए, ताकि घायल व्यक्ति को तुरंत राहत मिल सके. कार्यक्रम में आग लगने की स्थिति से निपटने के उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया. जवानों ने बताया कि किस प्रकार अलग-अलग परिस्थितियों में आग को नियंत्रित किया जा सकता है तथा किन सावधानियों को अपनाना आवश्यक है. इसके अलावा हेल सर्च तकनीक के माध्यम से मलबे में दबे व्यक्ति की खोज कर उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया, जिसे ग्रामीणों ने काफी ध्यानपूर्वक देखा और समझा. इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, बुद्धिजीवी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे. कार्यक्रम के दौरान लगभग 100 महिला एवं पुरुषों को आपदा राहत एवं बचाव का प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षकों ने लोगों को बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय संयम और समझदारी से काम लेना चाहिए, जिससे जान-माल की क्षति को कम किया जा सके. यह मॉक ड्रिल सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुई. इससे न केवल लोगों में जागरूकता बढ़ी, बल्कि आपदा के समय स्वयं एवं दूसरों की मदद करने की क्षमता भी विकसित हुई. आयोजकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि आमजन को आपदा प्रबंधन के प्रति और अधिक सक्षम बनाया जा सके.

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By Awadhesh kumar

अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.

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