आजादी के बाद भी टापू बना चिल्हनियां गांव, विकास से महरूम
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आजादी के बाद भी टापू बना चिल्हनियां गांव, विकास से महरूम
दो तरफ गोरिया व एक तरफ रेतुआ नदी से घिरा है गांव, इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे ग्रामीण, आरसीसी पुल की मांग
किशनगंज. टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती चिल्हनियां पंचायत अंतर्गत वार्ड नौ स्थित मुस्लिम टोला चिल्हनियां गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होकर बदहाली का दंश झेल रहा है. भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि गांव के पश्चिमी व दक्षिणी छोर पर गोरिया नदी, जबकि पूर्वी छोर पर रेतुआ नदी बहती है. बरसात के मौसम में जैसे ही इन दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ता है, पूरा गांव चारों ओर से पानी से घिर जाता है व टापू में तब्दील हो जाता है. इस दौरान गांव से बाहर निकलने का कोई सुरक्षित मार्ग नहीं बचता, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह ठप हो जाता है.
सिस्टम की विफलता: चारपाई पर अस्पताल ले जाते समय हुई थी मौत
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के महीनों में हालात इतने भयावह हो जाते हैं कि बीमारों और गर्भवती महिलाओं को बाहर ले जाना चुनौती बन जाता है. ग्रामीण बादल आलम ने बताया कि पिछले बरसात के दिनों में गांव निवासी लाजिम उद्दीन गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे. सड़क संपर्क बाधित रहने के कारण ग्रामीण उन्हें चारपाई पर लिटाकर करीब डेढ़ किलोमीटर तक पानी के बीच से तैरते हुए मुख्य सड़क तक ले गए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गयी. यह घटना आज भी सिस्टम की विफलता को उजागर करती है.
आश्वासन से ऊब चुके हैं ग्रामीण
ग्रामीण मोहमो उद्दीन, मुख्तार आलम, मुस्लिम अहमद सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से सांसद व विधायक को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन चुनाव के बाद उनकी समस्याएं भुला दी जाती हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए गोरिया नदी पर आरसीसी पुल का निर्माण कराया जाए.
कहते हैं अधिकारी
कनीय अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि ग्रामीणों का आवेदन प्राप्त हो चुका है. समस्या से संबंधित प्रस्ताव वरीय पदाधिकारी को भेज दिया गया है. जैसे ही इस कार्य का डीपीआर तैयार होगा, इसे धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. फिलहाल ग्रामीणों की उम्मीदें जिला पदाधिकारी विशाल राज व राज्य सरकार पर टिकी हुई हैं.
अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.