मुख्य बातें:
Electricity Transformer: बिहार के सीमांचल क्षेत्र अंतर्गत किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड से सुरक्षा मानकों की अनदेखी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है. प्रखंड की धवेली पंचायत स्थित पोखरिया गांव (वार्ड संख्या-7) के एक सरकारी स्कूल के ठीक पास लगा बिजली का ट्रांसफॉर्मर इन दिनों स्थानीय लोगों और मासूम बच्चों के लिए ‘टाइम बम’ बना हुआ है. बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण यह ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह से घनी झाड़ियों और जंगली पौधों से घिर चुका है, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे का डर बना रहता है.
स्कूल के पास झाड़ियों का पहरा
पोखरिया गांव के सरकारी विद्यालय के निकट स्थापित यह विद्युत ट्रांसफॉर्मर इन दिनों सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है. झाड़ियों और लताओं ने इस कदर इस पूरे ढांचे को अपने आगोश में ले लिया है कि दूर से देखने पर यह पता ही नहीं चलता कि यहाँ कोई हाई वोल्टेज बिजली का उपकरण मौजूद है.
झाड़ियों के अत्यधिक बढ़ जाने के कारण न तो बिजली का बोर्ड दिखाई देता है और न ही इस पर लगा खतरा दर्शाने वाला चेतावनी का लाल निशान. यह स्थिति स्कूली बच्चों के लिए बेहद जानलेवा साबित हो सकती है.
हर समय रहता है बड़े हादसे का डर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर स्कूल के बिल्कुल नजदीक होने की वजह से यह मामला बेहद संवेदनशील है. इस रास्ते से रोजाना सैकड़ों की संख्या में छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं, उनके अभिभावक और आम राहगीर दिनभर आते-जाते रहते हैं.
बिजली का यह ढांचा झाड़ियों में छिप जाने की वजह से किसी बड़ी अनहोनी को खुला आमंत्रण दे रहा है. खासकर बरसात और मानसून के मौसम में जब वातावरण में नमी बढ़ जाती है, तब तारों से करंट प्रवाहित होने या शॉर्ट सर्किट होने की आशंका कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है.
बार-बार शिकायत के बाद भी अफसर मौन
पोखरिया गांव के आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को अवगत करा चुके हैं. लगातार ध्यान खींचने के बावजूद अब तक विभाग की नींद नहीं खुली है और न ही मौके पर झाड़ियों की सफाई के लिए कोई ठोस पहल की गई है.
ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस ट्रांसफॉर्मर के आसपास तत्काल विशेष सफाई अभियान चलाया जाए. इसके साथ ही ट्रांसफॉर्मर के चारों तरफ लोहे की मजबूत घेराबंदी (फेंसिंग) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चे गलती से भी इसके पास न जा सकें.
पटना: जेपी गोलंबर रोड पर चौकीदार और दफादारों का प्रदर्शन शुरू. प्रदर्शन के कारण हुआ सड़क जाम.
कागजों पर मेंटेनेंस, जमीन पर लापरवाही
स्थानीय बिजली उपभोक्ताओं ने विभाग की पूरी कार्यशैली और दावों पर बड़े सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि विभाग हर साल बिजली लाइनों, खंभों और ट्रांसफॉर्मरों के रखरखाव (मेंटेनेंस) के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करता है.
लेकिन जमीनी हकीकत इन सरकारी दावों के बिल्कुल विपरीत नजर आती है. स्कूल के पास इस तरह झाड़ियों से ढका ट्रांसफॉर्मर साफ तौर पर विभागीय अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही की पोल खोल रही हैं. लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है.
Electricity Transformer: प्रशासन को अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने जनहित और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
लोगों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि समय रहते यहाँ सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी अप्रिय घटना या हादसे की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित बिजली विभाग की होगी. सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त न होने की स्थिति में ग्रामीणों ने आगे चलकर उग्र प्रदर्शन करने की बात भी कही है.
