किशनगंज. सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर अतिथियों ने किया. मौके पर विद्यालय प्रबंधकारिणी समिति के सचिव गणेश प्रसाद मौर्य, अभिभावक प्रतिनिधि सेवानिवृत प्रधानाध्यापक हरिश्चन्द्र मिश्र, प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी की मौजूदगी में विद्यालय की सभी व्यवस्थाओं को समुचित रूप से चलाने के लिए सत्रारंभ के अंतर्गत त्रि-दिवसीय कार्यशाला प्रत्येक वर्ष आयोजित की जाती है, जिसमें विगत व आगत सत्र की समीक्षा एवं योजनाएं बनाई जाती हैं. कार्यशाला की उपादेयता व प्रस्तावना की प्रस्तुति के क्रम में सचिव ने अपने विद्यालय की समस्त गतिविधियों को अनुपम, उत्कृष्ट व मानक अनुरूप बनाने पर बल दिया. साथ ही शिक्षण कौशल को अत्याधुनिक विधियों व व्यवस्थाओं से जोड़ने पर बल दिया. उपाध्यक्ष अधिवक्ता शिशिर दास ने सर्वाधिक कमजोर छात्र-छात्राओं के विकास के लिए समुचित कदम उठाने पर बल दिया. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में पीसीसीआर अर्थात पूर्णता, एकाग्रता, प्रतिस्पर्धा व जिम्मेदारी पर विशेष बल दिया. हरिश्चन्द्र मिश्र ने वर्तमान शिक्षण व्यवस्था पर चुटीले व्यंग्य करते हुए परंपरागत एवं आधुनिक शिक्षा व्यवस्था में समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यशाला के चतुर्थ सत्र के अंतर्गत इस वर्ष राष्ट्रपति पुरस्कार से पुरस्कृत श्रीमती निधि चौधरी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ. जिसमें उन्होंने नई शिक्षा नीति पर बल देते हुए शिक्षा क्षेत्र को और अधिक उन्नत व उत्कृष्ट बनाने पर विशेष दबाव दिया, जहां एक तरफ उन्होंने बच्चों की समझ विकसित करने की बात कही. दूसरी तरफ गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाने का आग्रह किया. बच्चों को चरित्रवान, संस्कारी, अध्ययनशील एवं प्रगतिशील बनाने के कई उपायों की चर्चा की तथा शिक्षा समावेशी बनाने की इच्छा जतायी, जिन्हें आचार्यों ने खूब सराहा व आत्मसात करने का संकल्प लिया. इस मौके पर प्राचार्य नागेन्द्र कुमार तिवारी ने अपनी बातें रखीं. विद्यालय के उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों की सराहना की तथा इसके लिए अपनी आचार्य टोली को से धन्यवाद दिया.
सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में वार्षिक आचार्य कार्यशाला का आयोजन
सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में त्रिदिवसीय वार्षिक आचार्य कार्यशाला का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ
