अमृत भारत एक्सप्रेस में उमड़ा जनसैलाब: सीट के लिए ठाकुरगंज स्टेशन पर रातभर जागते रहे यात्री

Amrit Bharat Express: एनजेपी-अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस (Amrit Bharat Express) सीमांचल के रेल यात्रियों के लिए लाइफलाइन साबित हो रही है. शनिवार को ठाकुरगंज स्टेशन पर यात्रियों का ऐसा अभूतपूर्व हुजूम उमड़ा कि लोगों को सीट पाने के लिए रात-रात भर स्टेशन पर ही काटना पड़ा. इस इकलौते फेरे में केवल जनरल टिकटों की बिक्री से रेलवे के खजाने में करीब 3,00,000 रुपये का बंपर राजस्व आया है, जिसके बाद इसे सप्ताह में 3 दिन चलाने की मांग तेज हो गई है.

ठाकुरगंज (किशनगंज) से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

Amrit Bharat Express: सीमांचल और उत्तर बंगाल के रेल इतिहास में 14663 एनजेपी–अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस ने लोकप्रियता के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. शनिवार को ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन पर इस आधुनिक भगवा-ग्रे रंग की पुश-पुल ट्रेन को पकड़ने के लिए यात्रियों का ऐसा समंदर उमड़ा कि पूरा प्लेटफॉर्म छोटा पड़ गया. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में काम करने वाले स्थानीय प्रवासी मजदूरों, व्यापारियों और छात्रों की कड़ियां इस ट्रेन से इस कदर जुड़ चुकी हैं कि लोग अपनी यात्रा से 24 घंटे पहले ही सुदूर गांवों से आकर स्टेशन परिसर में डेरा डाल रहे हैं. भीड़ का आलम यह था कि शनिवार सुबह ट्रेन आने से पहले ही स्टेशन का कोना-कोना खचाखच भर चुका था.

किशनगंज-कटिहार की दौड़ से मुक्ति; स्टेशन की बेंचें बनीं यात्रियों का बिस्तरा

इस रूट पर अमृत भारत एक्सप्रेस की सफलता और यात्रियों के संघर्ष की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:

  • रातभर जागा ठाकुरगंज स्टेशन: ट्रेन छूटने और सीट न मिलने के डर से सैकड़ों यात्री शुक्रवार की रात को ही ठाकुरगंज स्टेशन पहुंच गए थे. प्लेटफॉर्म की सीमेंटेड बेंचों और फर्श पर चादरें बिछाकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने पूरी रात जागकर काटी.
  • बदला सफर का समीकरण: इस सीधी ट्रेन के शुरू होने से पहले ठाकुरगंज, पोआखाली और गलगलिया क्षेत्र के लोगों को पंजाब या दिल्ली जाने के लिए भारी सामान के साथ पहले बस से किशनगंज या कटिहार जंक्शन भागना पड़ता था. रात के अंधेरे में होने वाली इस फजीहत की कड़ियां अब पूरी तरह समाप्त हो गई हैं.

अनारक्षित टिकटों से ₹3,00,000 का राजस्व; कोचों में चढ़ने के लिए मची जंग

कमाई का रिकॉर्ड: “स्टेशन मास्टर और वाणिज्यिक सूत्रों से मिले आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को इस विशिष्ट ट्रेन के लिए ठाकुरगंज काउंटर से रिकॉर्ड तोड़ संख्या में अनारक्षित (जनरल) टिकट बेचे गए. महज कुछ घंटों के भीतर रेलवे को लगभग 3,00,000 रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई.”

जैसे ही डिजिटल डिस्प्ले पर अमृत भारत के आगमन का सिग्नल हुआ, प्लेटफॉर्म पर अफरातफरी की कड़ियां जुड़ गईं:

  1. दरवाजों पर धावा: गैर-आरक्षित (General) बोगियों के गेट पर पैर रखने की जगह नहीं बची. दर्जनों यात्री एक साथ बोगी के भीतर घुसने का प्रयास करते दिखे.
  2. खड़े होकर सफर: क्षमता से दोगुनी भीड़ होने के कारण आधे से अधिक यात्रियों को अमृतसर तक का लंबा सफर बोगियों के बीच खड़े रहकर या टॉयलेट के पास बैठकर ही शुरू करना पड़ा.

सप्ताह में 3 दिन करने की उठी मांग; मुख्य पार्षद ने रेल मंत्रालय को लिखा पत्र

ट्रेन की इस अभूतपूर्व सफलता और यात्रियों की भारी किल्लत को देखते हुए ठाकुरगंज रेल यात्री समिति के संयोजक सह मुख्य पार्षद सिकंदर पटेल ने मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय को एक आधिकारिक पत्र भेजकर मांग की है कि 14663 एनजेपी–अमृतसर अमृत भारत एक्सप्रेस के फेरों को वर्तमान के साप्ताहिक व्यवस्था से बढ़ाकर सप्ताह में कम से कम 3 दिन किया जाए.

मुख्य पार्षद ने अपने इनपुट में कहा कि शनिवार का यह जनसैलाब इस बात का सीधा प्रमाण है कि सीमांचल को उत्तर भारत से जोड़ने के लिए वर्तमान इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनें बेहद कम हैं. यदि इसके फेरे बढ़ाए जाते हैं, तो कटिहार-अमृतसर आम्रपाली एक्सप्रेस पर से पैसेंजर लोड कम होगा और रेलवे को हर महीने करोड़ों रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे इस पिछड़े इलाके की आर्थिक कड़ियों को भी मजबूती मिलेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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