दोपहर बाद नेताओं के लौटने का सिलसिला हो गया शुरू

किशनगंज : तीन दिनों तक एमजीएम मेडिकल कॉलेज सहित पूरा शहर भाजपामय हो गया था. एक से लेकर तीन मई के दो बजे अपराह्न तक पूरा एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में चहल-पहल थी लेकिन शाम होते-होते वीरानगी छा गयी. पुलिस छावनी में तब्दील रहे एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जिला अतिथि गृह से वीआइपी वाहन भी वापस […]

किशनगंज : तीन दिनों तक एमजीएम मेडिकल कॉलेज सहित पूरा शहर भाजपामय हो गया था. एक से लेकर तीन मई के दो बजे अपराह्न तक पूरा एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में चहल-पहल थी लेकिन शाम होते-होते वीरानगी छा गयी. पुलिस छावनी में तब्दील रहे एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जिला अतिथि गृह से वीआइपी वाहन भी वापस लौट गये. बीते कई दिनों से एमजीएम से एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बागडोगरा एयरपोर्ट से अतिथियों को लाने और ले जाने का दौर जारी था.

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक संपन्न होने के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के स्टाफ, स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता को काफी राहत मिली है. इसके साथ जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली. बुधवार भोजन के बाद अतिथियों के वापस लौटने का सिलसिला शुरू हुआ जो देर शाम तक चलता रहा. बैठक में प्रदेश से आये भाजपा कार्यसमिति के सदस्य के अलावा विधायक, विधान पार्षद, सांसद और केंद्रीय मंत्रियों के अलावा सभी जिलाध्यक्षों ने भाग लिया था. उधर कार्यक्रम संयोजक व विधान पार्षद डा दिलीप कुमार जायसवाल ने अतिथियों को विदाई दी.

किशनगंज : पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि लालू यादव बिहार के रॉबर्ट वाड्रा हैं. चारा घोटाले में जब उनका नाम आया, तब वे कहते थे कि हमें फंसाया जा रहा है. आज उन पर आरोप भी सिद्ध हुए. सजा भी हुई और उन्हें जेल भी जाना पड़ा. चुनाव आयोग ने उन्हें चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया. मिट्टी घोटाला, मॉल घोटाला से संबंधित जो भी दस्तावेज हमने सार्वजनिक किये हैं, उसका जवाब देने की हिम्मत उनमें नहीं है. इसलिए बौखला गये हैं और गाली-गलौज की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. हमने तो सरकार से मांग की है कि जिस तरह से हरियाणा में जस्टिस ढींगरा कमेटी का गठन कर रॉबर्ट वाड्रा जमीन की खरीद-फरोख्त की जांच हो रही है, उसी तर्ज पर बिहार में भी आयोग का गठन हो, ताकि लालू की संपत्ति की जांच हो सके. बेनामी संपत्ति के मामले में उन्होंने कहा कि लालू यादव बेनामी संपत्ति अपने नाम करने में गिफ्ट लेने में माहिर हैं. नहीं तो आज 50 से ज्यादा संपत्ति के मालिक कैसे बने गये. एक हजार करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं. मुख्यमंत्री इन सभी मामलों में कार्रवाई के लिए सक्षम हैं. मुख्यमंत्री को देा पत्र लिख चुका हूं, और भी एक पत्र लिखूंगा. यदि फिर भी मुख्यमंत्री ने इन मामलों पर कार्रवाई नहीं की तो केंद्रीय एजेंसियों को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग करूंगा.

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