दिघलबैंक : भारतीय जनता पार्टी के राज्य स्तरीय बैठक में शामिल होने किशनगंज पहुंचे आधा दर्जन केंद्रीय मंत्रियों के एक साथ आगमन से स्थानीय लोगों में खासा उत्साह है. लोगों को लग रहा कि यहां की कुछ समस्याओं का हल जरूर मंत्री जी निकालेंगे.
दूरसंचार : भारत संचार निगम (बीएसएनएल) की बदहाल मोबाइल सेवा से दिघलबैंक की जनता शुरू से परेशान है. बात-चीत के दौरान कॉल ड्रॉप की समस्या से हर दिन उपभोक्ताओं को दो-चार होना पड़ता है, जबकि दिघलबैंक प्रखंड में बीएसएनएल की 3जी और 4जी सेवा का अभी भी इंतज़ार है. गौरतलब है कि विभागीय उदासीनता के कारण यहां बेसिक लैंड लाइन फ़ोन दो अंको से भी कम संख्या में जीवित है, जबकि मोबाइल सेवा शुरू से चरमराई हुई है स्थानीय उपभोक्ताओं के अनुसार सरकारी सेवा के नाम पर लोग लगातार ठगे जा रहें हैं, तमाम कोशिशों के बाद भी दिघलबैंक में बीएसएनएल की सेवा में कोई सुधार नही है.
कृषि : नेपाल, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर बसा किशनगंज कृषि के क्षेत्र में बेहतर पैदावार के लिए अपना अलग स्थान रखता है. वर्तमान में 70 प्रतिशत खेती योग्य भूमि पर मकई की फसल लहलहा रही है, तो मकई की कटनी भी प्रारंभ है. बेहतर पैदावार के बावजूद यहां के किसानों को उचित कीमत मिल पाती है. जी तोड़ मेहनत और बेहतर फसल के बाद भी किसानों की हालत जस की तस है.
