भाजपा प्रदेश कार्यसमिति का फैसला
अजीत
किशनगंज : लक्ष्य अंत्योदय, प्रण अंत्योदय और पथ अंत्योदय, इस संकल्प के साथ अल्पसंख्यक बहुल किशनगंज में मंगलवार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक शुरू हुई. बैठक के पहले दिन कृषि प्रस्ताव लाया गया. किसानों के प्रति राज्य सरकार की उदासीनता के विरोध में सड़क से सदन तक चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया गया.
साथ ही 15 मई तक प्रखंड स्तर तक मोरचा और प्रकोष्ठ का गठन और 20 मई से 15 जून तक महासपंर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. बैठक में केंद्र सरकार की उपलब्धियों व राज्य सरकार की नाकामियों से जनता को अवगत कराने की बात कही गयी और तीन तलाक पर चर्चा के लिए मुसलिम समाज के लोगों से पहल करने का आग्रह किया गया.
किसानों के प्रति गंभीर नहीं है बिहार सरकार
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में आयोजित बैठक में विधानसभा में विपक्षा के नेता प्रेम कुमार ने कृषि प्रस्ताव लाया. उन्होंने कहा कि राज्य के किसान सरकार के रवैये से त्रस्त हैं. कृषि और किसानों की बदहाली, धान की खरीद, सिंचाई का प्रबंध, किसानों को बोनस, उपज का उचित मूल्य आदि की स्थिति बहुत खराब है. भाजपा के समय बिहार में किसानों के लिए 2012 से 17 तक के लिए एक लाख 52 हजार करोड़ रुपये के कृषि रोड मैप की शुरुआत हुई थी. लेकिन, सरकार से भाजपा के हटने के बाद राज्य सरकार ने इससे संबंधित कृषि कैबिनेट को ही भंग कर दिया. महागंठन सरकार में कृषि उनकी प्राथमिकता में नहीं है.
इसलिए सात निश्चय योजना में भी कृषि को शामिल नहीं किया गया. सिंचाई का प्रबंध नहीं किया गया. 70% से अधिक राजकीय नलकूप खराब पड़े हैं. आहर, पइन की खुदाई नहीं हुई. ऐसी परिस्थिति में भाजपा किसानों के हितों के लिए सड़क से सदन तक चरणबद्ध आंदोलन करेगी. राज्य सरकार को हरित क्रांति बनाने के लिए दबाव डालने अौर केंद्र सरकार की कृषि विकास की योजनाओं को सही तरीके से कार्यान्वित करने के लिए किसानों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया गया.
केंद्र की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने पहले दिन की बैठक के संबंध में पत्रकारों से कहा कि बैठक पार्टी के सामाजिक, सांगठनिक व राजनीतिक विस्तार को नयी दिशा देगी. सीवान की बैठक के बाद तीन माह के कार्यक्रमों की समीक्षा हुई और आगामी कार्यक्रमों की रणनीति बनायी गयी.
उन्होंने कहा कि जनशताब्दी वर्ष में तीन तरह के कार्यक्रम होंगे. एक साल का समय देनेवाले 243 कार्यकर्ता हर विधानसभा जायेंगे. 15 दिन वाले लगभग 25 हजार कार्यकर्ता बूथ तक पार्टी को मजबूत करेंगे. पार्टी यह वर्ष गरीब कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है. केंद्र की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने के साथ ही दीनदयाल के विचार व सिद्धांतों को छपवा कर घर-घर तक पार्टी कार्यकर्ता पहुंचायेंगे.
