डीसीएलआर के खिलाफ वारंट

-अवधेश यादव- किशनगंजः किशनगंज में नव नियुक्त डीसीएलआर नूर अहमद शिवली के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. उन पर इंदिरा आवास योजना में अनियमितता बरतने व जालसाजी करने का आरोप है. वारंट प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने जारी किया है. हालांकि, किशनगंज में कार्यभार संभालने के छह दिन […]

-अवधेश यादव-

किशनगंजः किशनगंज में नव नियुक्त डीसीएलआर नूर अहमद शिवली के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. उन पर इंदिरा आवास योजना में अनियमितता बरतने व जालसाजी करने का आरोप है. वारंट प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी ने जारी किया है. हालांकि, किशनगंज में कार्यभार संभालने के छह दिन बाद ही उनका तबादला सीतामढ़ी हो गया है, जो कई सवाल खड़े कर रहा है. जानकारी के अनुसार वर्तमान डीसीएलआर नूर अहमद शिवली पूर्व में कोचाधामन में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के पद पर तैनात थे.

इस दौरान कोचाधामन थाना क्षेत्र के साकिन विशनपुर निवासी नगेंद्र प्रसाद दास पिता बुधल लाल ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, किशनगंज की अदालत में परिवाद संख्या सी- 606/2007 में इंदिरा आवास में गड़बड़ी व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था. इसके बाद भादवि की धारा 420, 468, 406, 120बी के तहत नूर अहमद शिवली, डीलिंग क्लर्क, विशनपुर मुखिया व फर्जी लाभुक सहित पांच लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया. नूर अहमद शिवली ने अग्रिम जमानत जिला व सत्र न्यायाधीश, पूर्णिया की अदालत से दिनांक 2 अप्रैल 2009 को प्राप्त किया.

17 अप्रैल 2009 को संबद्ध न्यायालय में उपस्थित होकर बंध पत्र दायर किया. जमानत लेने के बाद संबद्ध न्यायालय के निर्देश की उपेक्षा करने व समुचित पैरवी न किये जाने के कारण दिनांक 3 मार्च 2011 को तत्कालीन प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी बीके सिंह ने नूर अहमद शिवली का बंध पत्र खंडित करते हुए गैर जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया. इसी मामले में पुन: वर्तमान न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अतुल कुमार सिंह ने 4 फरवरी 2012 को गैर जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया.

आरोप है कि नूर अहमद शिवली अररिया जिले में वरीय उप समाहर्ता के पद पर कार्यरत थे और वह न्यायालय की उपेक्षा कर पुलिस प्रशासन पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए गिरफ्तारी से बचते रहे. इतना ही नहीं सामूहिक तबादले के क्रम में 17 फरवरी 2014 को श्री शिवली ने किशनगंज के डीसीएलआर का पदभार संभाला. पदस्थापन के छह दिन बाद ही उनका फिर से तबादला सीतामढ़ी जिले में हो गया है, जो कई सवाल खड़े करते हैं.

परिवाद पत्र में अभियोगी नगेंद्र प्रसाद दास का आरोप है कि अपने डीलिंग अस्सिटेंट व अन्य अभियुक्तों के साथ मिलीभगत कर तत्कालीन बीडीओ, कोचाधामन व वर्तमान डीसीएलआर किशनगंज नूर अहमद शिवली ने इंदिरा आवास योजना के तहत दिये जाने वाले 25000 रुपये के किस्त की राशि धोखाधड़ी व जालसाजी से निकाल ली.

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