किशनगंज : श्रीपार्श्वनाथ जैन भवन में विराजमान जैन संत परम पूज्य बालाचार्य श्री108 कल्पवृक्ष नंदीजी महाराज ने वीर शासन के बारे में बताते हुए कहा कि आज के समय में जो तीर्थ का शासन चल रहा है उसी को वीर शासन कहा जाता है़ जो अंतिम तीर्थंकर होते है उनका ही शासन माना जाता है़ दीपावली के दिन ब्रह्ममुहर्त में भगवान महावीर का मोक्ष गमन हुआ था़
महावीर के बताये मार्ग पर चलें: नंदी जी महाराज
किशनगंज : श्रीपार्श्वनाथ जैन भवन में विराजमान जैन संत परम पूज्य बालाचार्य श्री108 कल्पवृक्ष नंदीजी महाराज ने वीर शासन के बारे में बताते हुए कहा कि आज के समय में जो तीर्थ का शासन चल रहा है उसी को वीर शासन कहा जाता है़ जो अंतिम तीर्थंकर होते है उनका ही शासन माना जाता है़ […]

इसलिए दूसरे दिन नववर्ष प्रारंभ होता है और शासन की स्थापना सावन के एकम से मानी जाती है़ मुनिश्री ने अपने आशीष वचन से कहा कि जैन धर्म वीर शासन माना जाता है़ भगवान महावीर ने जैन धर्म को जन जन तक पहुंचाने के लिए अहिंसा और शांति के साथ एकता का मार्ग बताया़ भगवान महावीर के अनुसार मनुष्य को अपने जीवन में व्यसनों का त्याग कर अपने धर्म मार्ग पर चलते हुए संस्कृति एवं संस्कार की ओर बढ़ना चाहिए़ जैन मतानुसार पानी छान कर पीना, रात्रि भोजन नहीं करना, गुरू का सत्संग करना तथा नित्य मंदिर में जाकर भगवान का दर्शन करना हमारा कर्म होना चाहिए़ मुनिश्री ने कहा कि परमात्मा की शरण लेकर ही आपके जीवन में शांति का अनुभव होगा़
हमें भगवान महावीर के बताये मार्ग पर चलना चाहिए़ अभी विश्व में जिस प्रकार आतंकवाद और हिंसा फैल रही है ऐसे में भगवान महावीर का जीओ और जीने दो का नारा ही महत्वपूर्ण है जिससे हम विश्व में शांति स्थापित कर सकते है और मानव जीवन की रक्षा कर सकते है़
नप अध्यक्षा आंची देवी जैन ने श्री108 कल्पवृक्ष नंदीजी महाराज का आशीर्वाद लिया़ इस मौके पर सविता पांडया, रेणु जैन, संगीता जैन, जैन युवा मंडल के नीरज छाबड़ा, संतोष पाटनी, संजय काला, विशाल पाटनी, आनंद ठोल्या, संदीप कासलीवाल आदि मौजूद थे़