किशनगंज : सीमांचल में आयी बाढ़ के मुद्दे को विधान परिषद में उठाया गया. विधान पार्षद सह विप मानवाधिकार समिति के अध्यक्ष डाॅ दिलीप कुमार जायसवाल ने मामला उठाते हुए कहा कि सीमांचल में प्रतिवर्ष बाढ़, चक्रवाती तूफान आदि प्राकृतिक आपदाओं से बड़े पैमाने पर धन जन की हानि होती है. सीमांचल के किशनगंज, अररिया, पूर्णियां और कटिहार जिले के लोग प्रतिवर्ष बाढ़ की भीषण आपदा का सामना करते हैं.
हिमालय की तराई में पड़ने वाला यह क्षेत्र वहां से निकलने वाली महानंदा, मेची, डोंक, कोशी आदि कई छोटी बड़ी नदियों की बरसाती बाढ़ के मुहाने पर होने के कारण पहले शिकार होते है. इस क्षेत्र में आने वाली बाढ़ की त्रासदी का स्थलीय निरीक्षण कराकर तथा प्रतिवर्ष व्यय की जाने वाली धनराशि से थोड़ी ही अधिक धनराशि से अगर बांध व नदियों को जोड़ने जैसी योजना में एक बार खर्च कर दिया जाए तो बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है.
श्री जायसवाल ने कहा कि बाढ़ से विस्थापित लोगों के तत्काल पुनर्वास की व्यवस्था की जाय और बर्बाद फसल का आकलन पर किसानों को मुआवाजा दिया जाए. साथ ही किसानों के केसीसी ऋण भी माफ कर दिये जाय.
