पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज नहीं होने से नाराज हुए परिजन
किशनगंज : सदर अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में बुधवार प्रात: उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया जब चिकित्सा के अभाव में कुपोषित बच्चों के परिजन अपने-अपने बच्चों को केंद्र से घर ले जाने लगे़ इस दौरान एनआरसी कर्मियों द्वारा समझाये बुझाये जाने के क्रम में परिजन और भड़क उठे और एनआरसी कर्मियों के संग दुव्यर्वहार करने लगे़ इस दौरान मचे शोर-शराबे को सुन घटना स्थल पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने किसी तरह आक्रोशित लोगों को समझा-बुझा कर शांत करा दिया़ परंतु आक्रोशित परिजन दो बच्चों को बिना इलाज कराये ही लेकर चले गये़
इस संबंध में पूछे जाने पर रविउर नौ माह पिता मुमताज आलम बाघमारा, ठाकुरगंज निवासी व प्रिंस कुमार तीन वर्ष पिता विनोद कुमार, सुफीटोला बहादुरगंज निवासी के परिजनों ने बताया कि उनका बच्चा विगत दो दिनों से बुखार से तड़प रहा था तथा उनकी सांस भी तेल चल रही थी़ परंतु पोषण पुनर्वास केंद्र में इलाज के नाम पर खानापूर्ति की जा रही थी़ इस संबंध में पूछे जाने पर एनआरसी कर्मियों ने बताया कि एनआरसी को विगत कई वर्षों से अपनी सेवा प्रदान कर रहे शिशु रोग विशेषज्ञ डा निरंजन शरण को सिविल सर्जन ने गत 25 जुलाई को कर्तव्यहीनता का आरोप लगाते हुए व उनके कार्य के प्रति असंतोष व्यक्त करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी थी़ डा निरंजन की सेवा समाप्ति के उपरांत सदर अस्पताल के चिकित्सकों को रोस्टर के आधार पर एनआरसी में भरती अति कुपोषित बच्चों की इलाज की जिम्मेवारी सौंपी गयी थी़ परंतु सिविल सर्जन परशुराम प्रसाद द्वारा अपने पत्रांक 932 के माध्यम से सदर अस्पताल के चिकित्सकों को कुपोषित बच्चों की जांच का आदेश निर्गत किये जाने के बाद सदर अस्पताल के चिकित्सक बच्चों के इलाज से परहेज करने लगे थे़ नतीजतन आये दिन बच्चों के बीमार हो जाने से बुधवार को परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा था़
