सिरवा पर्व में खाया जाता है बासी खाना

जिले में धूम-धाम से मना सिरवा पर्व दिघलबैंक : सिरवा पर्व पूरे प्रखंड में बड़े धूमधाम से साथ मनाया गया. मालूम हो कि इन क्षेत्रों में सिरवा पर्व का एक विशेष महत्व है. इसे बासी पर्व भी कहते हैं. क्योंकि इसमें भोजन चैत माह के अंत में बनाता है और बैशाख में खाया जाता है. […]

जिले में धूम-धाम से मना सिरवा पर्व

दिघलबैंक : सिरवा पर्व पूरे प्रखंड में बड़े धूमधाम से साथ मनाया गया. मालूम हो कि इन क्षेत्रों में सिरवा पर्व का एक विशेष महत्व है. इसे बासी पर्व भी कहते हैं. क्योंकि इसमें भोजन चैत माह के अंत में बनाता है और बैशाख में खाया जाता है. पर्व को लेकर बुधवार को सत्तू खाया गया गया था जिसे सतुवेन कहा जाता है. वहीं बुधवार की रात्रि में विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाया गया, जिसे गुरुवार को दिन और रात में खाया गया. भाजपा के पूर्व विधायक अवध बिहारी सिंह अपने निवास स्थल धनतोला में सिरवा पर्व पर अपने दरवाजे पर महोत्सव का आयोजन किया.
धनतोला निवासी घनश्याम कुमार सिंह ने बताया कि अपनी सभ्यता को बचाते हुए प्रत्येक वर्ष पौराणिक रीति रिवाज के अनुसार ही मनाते आ रहे है. इस पर्व पर परिवार की श्रेष्ठ महिलाएं सूर्योदय से पूर्व बच्चों का झुंड लोटा में पानी लेकर बड़ों के पैर पर डालते और उससे आशीर्वाद स्वरूप बड़े -बुजुर्ग उनके सिर पर बासी जल डालते है और शेष जल को धार देती हुए आम के पेड़ की जड़ में डालता जाता है. धनतोला निवासी दिवाकर सिंह, नवीन कुमार, मनोज कुमार, भास्कर सिंह, विशाल सिंह, पंकज, अभिषेक, इशिका, हीना सहित अन्य लोगों ने कादो एवं रंग लगा कर नव वर्ष की शुभकामनाएं दी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >