पिछले पंचायत चुनाव के दौरान भी बंसत कर्मकार को बनाया गया था निशाना
इस बार भी पंचायत चुनाव में मुखिया प्रत्याशी के रूप में लड़ रहे है चुनाव
किशनगंज : बसंत कर्मकार के घर डकैती की घटना के घटित होने के बाद जहां स्थानीय लोग पुलिसिया कार्यशैली पर अंगुली उठा रहे है वहीं स्थानीय लोग मामले को आगामी पंचायत चुनाव से पूर्व की धमक भी मानने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना था कि पीड़ित बसंत कर्मकार की गिनती इलाके के प्रतिष्ठित लोगों में होती है.
सोना-चांदी के व्यवसाय के साथ-साथ वे संपन्न किसान हैं और दोनों भाईयों की पत्नियों के स्कूल शिक्षिका होने के कारण उनका इलाके में अलग रूतबा भी है. स्थानीय लोगों ने बताया कि बसंत कर्मकार ने विगत कई पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए अपना नामांकन भरा था और चुनाव में उन्हें मामूली मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. परंतु इस बार भी ये चुनावी दंगल में हैं.
पिछले चुनाव में भी व्यवसायी पर हुआ था कातिलाना हमला
स्थानीय लोगों ने बताया कि पूर्व के पंचायत चुनाव के दौरान भी उन पर कातिलाना हमला हो चुका था और डकैती की घटना भी घटित हो चुकी थी. इस बार भी जब डकैतों ने बसंत के घर में धावा बोला तो उनकी पत्नी अंजना देवी ने तिजोरी की चाबी डकैतों के हवाले कर दी थी. परंतु डकैतों ने न उनके घर के कीमती सामानों को लूटा और न ही उनके लाइसेंसी रायफल को ही हाथ लगाया, जिससे स्पष्ट हो जाता है कि अपराधियों की मंशा लूट की न होकर बसंत कर्मकार की हत्या करने की थी.
परंतु स्थानीय लोगों के द्वारा डकैतों को चारों ओर से घेर लिये जाने के कारण अपराधी अपने मंसूबे में कामयाब न हो सके. स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना को अंजाम देते वक्त अपराधियों ने अपना चेहरा गमछे से ढक लिया था, ताकि उनकी पहचान न हो सके.
