सड़क हादसों का डेंजर जोन एनएच 31 व 327ई

किशनगंज : जमाने की बदलते रफ्तार ने सड़क यातायात पर आधारित लोगों की जिदंगी को जोखिम भरा बना दिया है. इस बदलाव के अनुरूप लोगों की सोच व व्यवस्था में कोई तब्दीली नहीं दिख रही है. लिहाजा सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. फोर लेन, स्टेट हाइवे व ग्रामीण क्षेत्र के प्रधानमंत्री […]

किशनगंज : जमाने की बदलते रफ्तार ने सड़क यातायात पर आधारित लोगों की जिदंगी को जोखिम भरा बना दिया है. इस बदलाव के अनुरूप लोगों की सोच व व्यवस्था में कोई तब्दीली नहीं दिख रही है. लिहाजा सड़क हादसों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. फोर लेन, स्टेट हाइवे व ग्रामीण क्षेत्र के प्रधानमंत्री सड़क व शहर के बीचोबीच गुजरने वाली एनएच 31 के सर्विस रोड पर अतिक्रमण और रोड क्रॉसिंग हादसों के केंद्र बिंदु बन गये हैं.

एनएच 31 बना डेंजर जोन

एनएच 31 रामपुर से लेकर फरिंगगोला तक आये दिन सड़क हादसे होते रहते हैं. इसकी मुख्य वजह है तेज रफ्तार से वाहन चलाना और एनएच 31 को क्रॉस करने के दौरान लापरवाही बरतने. एक महीने के अंदर 21 लोगों की मौत गयी है.

शहर के डेंजर जोन

दुर्घटना मुख्य रूप से बहादुरगंज मोड़, बस स्टैंड, डाक बंगाला चौक, रेलवे स्टेशन के सामने, धरमगंज, कैलटैक्स चौक और फरिंगगोला चौक पर आये दिन हादसे होते रहते हैं. उक्त स्थानों पर लोग आये दिन दुर्घटनाओं के शिकार होकर बेमौत मारे जा रहे हैं. बावजूद इसके रोकथाम के लिए कारगर प्रयास नहीं किये जा रहे हैं.

क्या कहते हैं अधिकारी

यातायात व्यवस्था के जवाबदेह जिला परिवहन पदाधिकारी सत्य नारायण मंडल कहते हैं कि एमवी एक्ट की धारा 183, 184 व 185 के तहत अधिक स्पीड, खतरनाक ढंग से ड्राइविंग व शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ समय-समय पर कार्रवाई होती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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