पौआखाली : आये दिन सीमा पर बढ़ रही राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को हर कीमत पर रोकने के लिए एसएसबी और पुलिस को और सख्त होने की जरूरत है. सीमा पार और सीमा के अंदर बैठे तस्करों के आकाओं को बेनकाब कर उनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जानी चाहिए. तभी बोर्डर पर और उसके अंदर बसे नागरिकों के बीच एक दूसरे पर भरोसा कायम बना रहेगा.
तस्करों से एसएसबी के ताल मेलों की चर्चा और मूल्क के अंदर सफेदपोशों का तस्करों को संरक्षण देना बेहद खतरनाक स्थिति भविष्य में पैदा कर सकता है. ऐसा सीमावर्ती गांव के बुद्धिजीवियों का मानना है. लोगों का कहना है कि नेपाली तस्करों पर नेपाल पुलिस प्रशासन का शिकंजा ना के बराबर है.
वहां तस्कर हमेशा बेखौफ प्रशासन पर हावी रहते है. अक्सर एसएसबी और ग्रामीणों के बीच झड़प के बीच यह ताना बाना इन्हीं तस्करों की सुनियोजित साजिश ही शामिल है. जिसका शिकार भारतीय सीमा पर स्थित बसे लोग हो रहे है. जिस पर एक रणनीति बनान कर रोक लगाने की जरूरत है.
