शुल्क देकर पार करते हैं चचरी पुल

बहादुरगंज (किशनगंज) : 5 से 10 रुपये तक दीजिये फिर अपने साइकिल व बाइक से हस्त निर्मित बांस बत्ती के पुल के सहारे नदी की धार के उस पार उतर जाइये. जी हां बहादुरगंज के पूर्वी दक्षिणी छोड़ पर दरनियां नदी पर लगभग एक दशक से पुल क्षतिग्रस्त रहने के कारण लोगों के आवागमन का […]

बहादुरगंज (किशनगंज) : 5 से 10 रुपये तक दीजिये फिर अपने साइकिल व बाइक से हस्त निर्मित बांस बत्ती के पुल के सहारे नदी की धार के उस पार उतर जाइये. जी हां बहादुरगंज के पूर्वी दक्षिणी छोड़ पर दरनियां नदी पर लगभग एक दशक से पुल क्षतिग्रस्त रहने के कारण लोगों के आवागमन का एक मात्र सहारा चचरी पुल ही है.

अगर आप साइकिल की सवारी करते है तो 5 रुपये एवं किसी बाइक से नदी के इस पार उस पार करते है तो 10-20 रूपये देने होंगे. मामले के बाबत यहां की बड़ी आबादी देशियाटोली, दरनियां, कटहलबाड़ी, चीकाबाड़ी के अलावे यहां तक कि बहादुरगंज प्रखंड की सीमा से लगे ठाकुरगंज हिस्से के कई पंचायत वासियों में उम्मीद जगी थी.

जब लगभग 4 वर्ष पूर्व में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कौल, कनकई और लौचा नदी पर पुल निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान ही क्षतिग्रस्त अन्य पुल पुलियों के निर्माण के लिए पहल किये जाने का आश्वासन उन्होंने दिया था. मौके पर आयोजित विराट कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री श्री कुमार ने वहां मौजूद विभाग के आला अधिकारियों को क्षतिग्रस्त दरनियां पुल सहित झींगाकांटा व ढोलमनी पुल निर्माण की दिशा में डीपीआर निर्माण के संबंध में आदेश भी दिये थे.

इसके बावजूद जमीनी स्तर पर डीपीआर निर्माण या फिर संबंधित कार्य योजना में कोई प्रगति का अता पता तक नहीं. उधर देशिया टोली पंचायत के मुखिया अनवार आलम ने बताया कि परिस्थिति पर यहां के लोग अब अपनी किस्मत की को कोस रहे है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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