किशनगंज, पूर्णिया, बांका व भागलपुर में सीएम की सभाएं
किशनगंज/पूर्णिया/बांका/भागलपुर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को किशनगंज, पूर्णिया, बांका व भागलपुर जिले के शाहकुंड (बांका लोस क्षेत्र) में चुनाव सभाओं को संबोधित किया.
उन्होंने कहा कि आज तक हमने किसी काम में समाज के किसी तबके की उपेक्षा नहीं की है. जो भी योजना हम चलाते हैं, उससे समाज के हर तबके के लोगों को फायदा होता है. हम जाति, धर्म, संप्रदाय व मजहब के नाम पर राजनीति नहीं करते. सेवा ही मेरा धर्म है. कुछ लोगों का काम सेवा नहीं, सत्ता हासिल कर धन कमाना है. 13 वर्षों से लगातार सेवा करते आ रहा हूं. मूल उद्देश्य न्याय के साथ विकास करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केंद्र में मोदी की सरकार है. लोग कहते हैं कि हम उनके साथ हैं. हां, हम बिहार के विकास के लिए साथ हैं, कल्याण के लिए साथ हैं. उन्होंने कहा कि पति-पत्नी वाली सरकार से मदरसाें के शिक्षक मांग करने गये, तो उनकी जमकर पिटाई की गयी. जब मुझे काम करने का मौका मिला तो तत्काल मदरसाें के शिक्षकों को सहायता बढ़ा दी. पति- पत्नी के राज में दलित, आदिवासी समाज को भी आरक्षण नहीं था, मैंने महिलाओं के लिए 50% का आरक्षण दिया.
उन्होंने कहा कि पहले दलित, महादलित, अल्पसंख्यक समुदायों के साढ़े 12 प्रतिशत बच्चे स्कूलों से बाहर रहते थे. वैसे बच्चों को टोला सेवक, तालिमी मरकज के माध्यम से स्कूल से जोड़ा गया. अनुसूचित जाति व जनजाति को 16 प्रतिशत, अति पिछड़ा को 20 तथा महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया. महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने वाला पहला राज्य बिहार बना. गरीब मेधावी बच्चों के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, प्रत्येक जिले में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, महिला आइटीआइ, जीएनएम संस्थान खोले गये.
सात निश्चय योजना लाकर गांव-गांव का विकास किया जा रहा है. समय बदल गया है. घर-घर बिजली आ गयी तो अब लालटेन युग समाप्त हो चुका है. मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना से लोगों को लाभ मिल रहा है.
