सुरजापुरी मुसलमान को अंत्यंत पिछड़ी जति में शामिल करने का मांग
किशनगंज : मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से एक अणे मार्ग स्थित उनके आवास पर पूर्व मंत्री सह ठाकुरगंज विधायक नौशाद आलम, कोचाधामन विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने मिलकर सीमांचल सहित किशनगंज जिले के विभिन्न विकास कार्यों और क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया. सीएम को अवगत कराते हुए लिखित रूप से उन्हें एक पत्र भी सौंपा. पत्र में विधायक द्वय ने कहा की किशनगंज-बहादुरगंज मार्ग पर बना मौजाबाड़ी पुल 50 वर्ष पुराना हो गया है. यह पुल जिले की 70 फीसदी आबादी के साथ साथ अररिया, पूर्णिया, नेपाल सीमा को जिला मुख्यालय से जोड़ता है.
पिछले साल आयी बाढ़ से पुल के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया था. महानंदा नदी पर एक और पुल बनाने की जरूरत है. यहां बताते चलें कि मुजाहिद आलम द्वारा 6 दिसम्बर 2016 को सीएम की अध्यक्षता में हुई किशनगंज के सभा कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पुल निर्माण की मांग रखी गयी थी. 30 मार्च 2017 को इस सम्बन्ध में सीएम सचिवालय से सीएम को अतिशीघ्र उचित कार्ररवाई करने को कहा गया. किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार एवं अररिया जिले में सुरजापुरी मुसलमानों की बड़ी आबादी रहती है जो शैक्षणिक और आर्थिक रूप से बहुत पिछड़ा है. वर्तमान में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सुरजापुरी मुसलमान को बिहार राज्य के पिछड़े वर्ग की सूची दो में रखा गया है. सुरजापुरी मुसलमान को अत्यंत पिछड़ी जाति में शामिल करने की वर्षों से स्थानीय स्तर पर की जा रही है. 11 जनवरी 2014 को एपीजे कृषि कॉलेज के शिलान्यास समारोह में सुरजापुरी मुसलमान को अंत्यंत पिछड़ी जति में शामिल करने का आश्वाशन सीएम द्वारा मिला था. इसके साथ जिले के दूसरी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई.
