आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित चार दिवसीय आनंद अनुभूति शिविर संपन्न खगड़िया. स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का निवास होता है. स्वस्थ मन से ही सुंदर समाज का निर्माण होता है. स्वस्थ एवं सुंदर समाज निर्माण में समाज के जिम्मेदार लोगों की भूमिका ही महत्वपूर्ण है. स्वस्थ मन एवं स्वस्थ तन सुदर्शन क्रिया करने से सहजता से संभव है. सुदर्शन क्रिया करने से आनंद एवं शांति की अनुभूति होती है. उपरोक्त बातें आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक विजयेंद्र ने तेलिहार पंचायत में आयोजित चार दिवसीय आनंद अनुभूति शिविर के अंतिम दिन उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही. मालूम हो कि फरवरी से ही बेलदौर प्रखंड स्थित तेलिहार पंचायत में समाजसेवी परमानंद सिंह एवं परबत्ता प्रखंड के कन्हैयाचक गांव में समाजसेवी श्रवण चौधरी के नेतृत्व में आनंद अनुभूति शिविर का आयोजन किया गया. कन्हैयाचक में प्रशिक्षक निशांत कुमार ने शिविर में भाग ले रहे प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में व्याप्त विसंगतियों की एवं कुरीतियों को समाप्त करने के लिए समाज के ही प्रबुद्ध लोगों को आगे आना होगा. इस कुरीतियों को कोई अल्लाह या ईश्वर समाप्त नहीं करेंगे. प्रशिक्षक नागेंद्र सिंह त्यागी ने कहा कि वैश्विक मानवतावादी आध्यात्मिक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर 9 मार्च की सुबह 9 बजे दिन में आएंगे. शिविर के अंतिम दिन प्रतिभागी विजय कुमार झा, रवि शंकर कुमार, रणजीत सिंह, अशोक सिंह, पार्वती, अखिलेश्वर चौधरी, रामबालक, मनीष कुमार, निवास सिंह, इंद्रदेव सिंह, पिंकी देवी ने कहा कि शिविर के प्रारंभ में हमलोगों के मन में शिविर को लेकर विभिन्न विभिन्न तरह के भ्रांति थी. लेकिन इस शिविर के चार दिन में जो अनुभूति हुई, वह अब तक के जीवन में कभी नहीं हुआ था. भाग लेने के बाद एहसास हुआ कि यह शिविर व्यक्ति के खुद के विकास एवं स्वस्थ जीवन जीने के कला को सिखाती है. शिविर के अंतिम दिन ग्रामीणों के साथ सत्संग का भी आयोजन किया गया था.
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