कड़ी सुरक्षा के बीच पहले दिन हुई मैट्रिक परीक्षा

परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों का निरीक्षण का दौड़ परीक्षा केंद्रों पर जारी रहा

खगड़िया. सोमवार से जिले के 35 केंद्रों पर मैट्रिक की परीक्षा शुरू हुई. परीक्षा के पहले दिन शांतिपूर्ण वातावरण में कदाचार मुक्त परीक्षा हुई. परीक्षा की प्रथम एवं द्वितीय पाली में हिन्दी विषय की परीक्षा हुई. परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों का निरीक्षण का दौड़ परीक्षा केंद्रों पर जारी रहा. डीईओ अमरेंद्र कुमार गौंड, एसडीओ अमित अनुराग सहित अन्य अधिकारियों ने विभिन्न परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण करते रहे. शहर के दो परीक्षा केंद्रों को आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है. इस केंद्र पर दिन भर अधिकारियों का क्रमवार रूप से निरीक्षण जारी रहा.

सभी परीक्षा केन्द्रों पर पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. परीक्षा केंद्र के 500 मीटर की परिधि में धारा-144 प्रभावी रहने के कारण परीक्षार्थियों के अतिरिक्त परीक्षा केंद्र में कोई भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश वर्जित था. परीक्षा प्रथम पाली सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.45 बजे तक हुई. दूसरी पाली के लिए परीक्षा केंद्र में प्रवेश का समय दोपहर 1.35 बजे था. यह परीक्षा दोपहर 1.45 बजे से शाम 5 बजे तक चली. किसी भी परीक्षार्थी को किसी भी परिस्थिति में बिहार बोर्ड द्वारा जारी एडमिट कार्ड के बिना परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया. परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस या अन्य किसी तरह की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना वर्जित है.

पहले दिन 28238 परीक्षार्थी हुए शामिल, 757 रहे अनुपस्थित

मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में हिन्दी विषय की परीक्षा हुई. जिला शिक्षा पदाधिकारी अमेंद्र कुमार गौंड ने बताया कि प्रथम पाली में 14073 परीक्षार्थी शामिल हुए. जबकि दूसरी पाली में 14165 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया. उन्होंने बताया कि प्रथम पाली में 333 व दूसरी पाली में 424 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे.

आदर्श परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों का हुआ स्वागत

मैट्रिक की परीक्षा के लिए जिले में आदर्श परीक्षा केंद्र बनाए गये हैं. जहां परीक्षार्थियों का उत्साहवर्द्धन किया गया. जिला मुख्यालय में दो तथा गोगरी में दो आदर्श परीक्षा केंद्र बनाया गया है. इस केंद्र को दुल्हन की तरह सजाया गया है. गेट को गुब्बारा और फूल की मालाओं से सजाया गया है. गेट से लेकर हॉल तक जमीन पर कालीन बिछाई गई है. जगह-जगह फूलों की गमला रखा गया है. इसके अलावे केंद्र के अंदर भी गुब्बारा से सजाया गया है. इस केंद्र पर परीक्षार्थियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया.

गहन तलाशी के बाद परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की मिली इजाजत

——परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर तलाशी के बाद ही परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश करने दिया गया. सोमवार को सुबह से ही परीक्षार्थियों व अभिभावकों की भीड़ केंद्र के बाहर लग गयी थी. परीक्षार्थी नियत समय से दो घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच अपना रोल नंबर खोजने में लगे रहे.

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मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन यातायात व्यवस्था की निकली हवा

गोगरी. दिन भर पूरा शहर जाम रहा. सड़कों पर गाड़ियां रेंगती रही. इस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी दूसरी पाली के परीक्षार्थियों को झेलनी पड़ी. परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में उनके पसीने छूट गये. स-समय केंद्र तक पहुंचने में खुद को असमर्थ महसूस करते हुए उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ती रही. शहरवासी भी जाम से कराहते रहे. मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक की सड़कें जाम हो गयी. इसको लेकर गोगरी थानाध्यक्ष अजीत कुमार दल बल के साथ खुद सड़क पर खड़े हो गए और जाम की समस्या से निजात दिलाते दिखे.

तैनात ट्रैफिक पुलिस चाहकर भी कुछ नहीं कर पाये

गोगरी के सभी परीक्षा केंद्रों पर मैट्रिक की परीक्षा सोमवार से आरंभ हुई. इसमें हजारों परीक्षार्थी शामिल हुए. प्राय: सभी परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी थे. लिहाजा शहर में अचानक करीब 75 हजार लोगों की भीड़ का दबाव बढ़ गया. इसने पहले से जाम की समस्या से बेजार शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बाधित कर दिया.

परीक्षार्थियों की अतिरिक्त से बोझ से बढ़ी समस्या

ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षार्थियों का परीक्षा केंद्र शहर में बनाया गया है. वहीं शहरी क्षेत्र की छात्राओं का केंद्र भी यहीं है. हजारों की संख्या में परीक्षार्थी अपने वाहन से केंद्र पर पहुंचे. आलम यह हुआ कि खगड़िया से लेकर गोगरी जमालपुर तक पूरा शहर एक बार ही जाम हो गया. शहर के लोगों ने इस जाम से छुटकारा पाने के लिए गलियों का सहारा लिया, लेकिन उनकी यह कोशिश भी काम नहीं आयी. जमालपुर से मुश्कीपुर कोठी तक, भगवान हाई स्कूल, बाय पास रोड सहित सभी लिंक सड़कें जाम रहीं. लोग एक राह से दूसरी बदलते रहे, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा. इस जाम का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि महज पांच किमी की दूरी तय करने में लोगों को एक डेढ़ घंटे तक लग गये.

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By Prabhat Khabar News Desk

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