गोगरी. थाना क्षेत्र के राटन निवासी जीशान बदर उर्फ मो फिरदौस राष्ट्रीय व आर्थिक सुरक्षा के लिए खतरा बन गया था, जिसकी भनक डीआरआइ को लग गयी थी. नकली भारतीय मुद्रा कारोबार में संलिप्त राटन गांव निवासी जीशान बदर उर्फ फिरदौस के घर छापेमारी की. छापेमारी टीम में शामिल अधिकारियों को अहम सुराग हाथ लगी. बीते गुरुवार की देर रात डीआरआइ के रीजिनल यूनिट पटना के सीनियर इंटेलीजेंस ऑफिसर सच्चिदानंद कुमार के आवेदन पर फिरदौस के विरूद्ध गोगरी थाना में कांड संख्या 45/25 दर्ज कराया गया था. शुक्रवार को एसपी राकेश कुमार थाना पहुंचकर आरोपित फिरदौस से दो घंटे तक पूछताछ की. पुलिस के समक्ष फिरदौस ने कई राज उगले. उसके निशानदेही पर गोगरी थानाध्यक्ष व अन्य पुलिस पदाधिकारी ने घर में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान फिरदौस के घर से आधे दर्जन बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम, आई कार्ड, आधार कार्ड सहित पासपोर्ट बरामद किया. पुलिस सभी दस्तावेज की जांच कर रही है. बताया जाता है कि आरोपित फिरदौस राटन गांव में ग्राहक सेवा केंद्र के आड़ में जाली नोट खेपाने के प्रयास में था, जिससे राष्ट्रीय व आर्थिक सुरक्षा को खतरा था.
जाली नोट से राष्ट्र की सुरक्षा को था खतरा
डीआरआइ रीजिनल यूनिट पटना के सीनियर इंटेलीजेंस ऑफिसर सच्चिदानंद कुमार ने कहा कि मो फिरदौस के घर तलाशी के दौरान 99 शीट (98 पूरी और 1 आंशिक रूप से फटी हुई कॉटन पेपर जिन पर सुरक्षा पट्टी लगी हुई थी ) बरामद की गयी. इसके अलावा एक एप्सों प्रिंटर, एक लेनोवो ब्रांड का लैपटॉप और एक आसुस ब्रांड का लैपटॉप भी बरामद किया गया. फिरदौस ने जांच टीम को बताया कि नकली भारतीय मुद्रा नोट छापने के लिए सितंबर 2024 में शीटों का ऑनलाइन ऑर्डर किया था. लैपटॉप और प्रिंटर का इस्तेमाल नकली भारतीय मुद्रा नोट छापने के लिए किया जाना था. फिरदौस जाली भारतीय मुद्रा नोट छापने का प्रयास कर रहा था, जिससे राष्ट्र की राष्ट्रीय व आर्थिक सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता था. जांच टीम ने बरामद वस्तुओं का पंचनामा बनाया.यूट्यूब देखकर जाली नोट छापने का आया आइडिया
गिरफ्तार मो फिरदौस ने एसपी राकेश कुमार को पूछताछ में बताया कि यूट्यूब पर जाली नोट छापने का वीडियो देखा था. उसी के आधार पर जाली नोट छापने का आइडिया आया. जिसके बाद घर पर ही सीएससी खोला, जहां से जाली नोट खपाने की प्रयास करते. फिरदौस धीरे-धीरे भारतीय मुद्रा पर उपयोग होने वाले सामग्री एकत्रित करने लगा. सामग्री के लिए पहले जाली नोट के सरगना के साथ जुड़ गया. भारतीय मुद्रा पर उपयोग होने वाले सामग्री को दूसरे देशों से मंगवाना शुरू कर दिया. पहली प्रयास में जाली नोट छापने के पेपर सहित अन्य सामग्री मंगवाया था. दूसरी खेप में दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी ने सामग्री पकड़ लिया और और पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया.
गोरखधंधा से फिरदौस ने बनाया आलीशान मकान
जाली नोट के गोरखधंधा में संलिप्त फिरदौस ने गांव में आलीशान मकान बनाया है. गिरफ्तार मो जीशान बदर उर्फ फिरदौस का राटन गांव में आलीशान आकर्षक मकान है. स्थानीय लोगों की माने तो जीशान बदर का घर अंदर ग्राउंड है और कई कमरे हैं. इसके कारण डीआरआइ और गोगरी पुलिस टीम की छापेमारी करने में चार घंटे से अधिक का समय लगा. छापेमारी में शामिल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि मंत्री और विधायक से भी आकर्षक घर फिरदौस ने बनाया है.जाली नोट कारोबारी के घर फिर हुई छापेमारी
एसपी के निर्देश पर गोगरी पुलिस ने शुक्रवार को फिर से छापेमारी की. आरोपित के निशानदेही पर यह कार्रवाई की गयी. आरोपित मो फिरदौस से डीएसपी रमेश कुमार, गोगरी थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने जाली नोट छापने से संबंधित पूछताछ की. एसपी के पूछताछ और उनके निर्देश के बाद जाली नोट छापने के मामले में संलिप्त गिरफ्तार आरोपित राटन निवासी मो जीशान बदर उर्फ फिरदौस के घर तलाशी ली, जिसमें आधे दर्जन बैंक के पासबुक, चेकबुक, एटीएम, आई कार्ड, आधार कार्ड सहित पासपोर्ट बरामद किया गया. सभी दस्तावेज को पुलिस गहन से जांच कर रही है. छापेमारी में थानाध्यक्ष अजीत कुमार और एसआइ सिंटू कुमार मौजूद थे.कहते हैं एसपी
एसपी राकेश कुमार ने बताया कि पुलिस के जांच और गिरफ्तार आरोपित से पूछताछ में कई अहम दस्तावेज हाथ लगा है. जिसके मामले में पुलिस तत्परता से जांच शुरू कर दिया है. पुलिस सभी बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है. गिरफ्तार को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया अपनायी जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
