खगड़िया : अभी ठीक से ठंड गयी भी नहीं और मच्छर ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. गरमी में क्या हाल होगा, सभी यह सोच रहे हैं. रात तो छोड़िये दिन में भी आप कार्यालय अथवा घर में बैठ नहीं रह सकते हैं . नगर परिषद द्वारा मच्छर मारने की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है. स्थानीय लोगों में नगर परिषद प्रशासन से फॉगिंग कराने की मांग की है. गोगरी प्रतिनिधि के अनुसार, मच्छरों से होने वाली परेशानी ऐसी है कि जमालपुर गोगरी के बाजार में अकेले हर महीने पांच से छह लाख रुपये के आधा दर्जन विभिन्न कंपनी के मॉसक्विटो क्वाइल तथा पांच-छह लाख रुपये के मॉसक्विटो लिक्विड मशीन की बिक्री होती है. पूरे वर्ष में यह आंकड़ा एक करोड़ को पार कर जाता है. स्थानीय लोगों की मानें तो रात में सोते वक्त तो मच्छरदानी का प्रयोग किया जा सकता है,
पर जब दिन में और शाम को पढ़ाई तथा टीवी देखते वक्त मच्छरों का जब हमला होता है, तब मच्छरदानी के अंदर रहना मुश्किल है. ऐसे में मच्छर भगाने की चीजों का प्रयोग न चाहते हुए भी मजबूरन करना पड़ता है. स्थानीय लोगों ने बताया कि ये चीजें अब मच्छरों पर बेअसर हो चुकी है. क्वाइल और लिक्विड मशीन चालू रहते हुए भी मच्छर की भनभनाहट कम नहीं होती. मच्छरों को भगाने के लिए इन दो उत्पादों के अलावा कई तरह की मशीन, इलेक्ट्रिक रैकेट तथा अन्य चीजों की भी खूब बिक्री हो रही है. नगर पंचायत ने गोगरी के 20 वार्ड को मच्छर मुक्त करने के लिए दो बड़ी और एक छोटी मशीन मंगवायी है, लेकिन फॉगिंग का अंतराल इतना लंबा होता है कि मच्छर भी शायद इसे भूल जाते हैं.
