आवागमन ठप. यातायात बहाल करने के प्रयास में जुटे नाविक, खगड़िया जाने में बढ़ी परेशानी
सहरसा-खगड़िया सीमा पर स्थित और कोसी क्षेत्र के लाइफ लाइन के नाम से विख्यात बीपी मंडल सेतु से समानांतर डुमरी घाट में नावों को जोड़ कर बने जुगाड़ पुल का एक हिस्सा पांच जनवरी की संध्या बह जाने के बाद आवागमन ठप है. हालांकि इसे फिर से बहाल करने का प्रयास जारी है.
सिमरी बख्तियारपुर/खगड़िया : पांच जनवरी की संध्या सहरसा-खगड़िया सीमा पर स्थित जुगाड़ पुल के एक हिस्से एक बह जाने के बाद से कोसी-बागमती के संगम पर नाविक युद्धस्तर पर नौका पुल को फिर से बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं. क्षतिग्रस्त बीपी मंडल सेतु के बगल में नौकाओं को जोड़कर यह अस्थायी पुल बनाया गया था जो गुरुवार शाम कोसी के कटाव के उपरांत तेज लहरों में बह गया. वहीं पुल के बहने के बाद सहरसा के सोनवर्षा राज और खगड़िया के बेलदौर की लाखों आबादी के समक्ष आवागमन का संकट गहरा गया है.
साथ ही सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले के लोगों का राजधानी से सुगम सड़क संपर्क भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है. यहां बता दें कि उसराहा-डुमरी की ओर से पुल के बहने के साथ ही इसका पहुंच पथ भी पूरी तरह से नदी में विलीन हो गया है. नाविक काम में तो जुटे है. लेकिन, तेज लहरों के कारण परेशानी आ रही है. डुमरी पंचायत की मुखिया डोली कुमारी ने बताया कि जुगाड़ पुल पर अभी आवागमन ठप है. नाविक आवागमन बहाल करने में लगे हुए हैं. उन्होंने कहा कि कोसी के तेज कटाव को देखकर लगता है कि पुल दुरुस्त होने में दो-चार दिनों का समय लग ही जायेगा.
पचास लाख का हुआ था डाक: एनएच 107 के बीपी मंडल सेतु से सामानांतर डुमरी घाट में नावों को जोड़कर बने जुगाड़ पुल का बीते महीने दिसम्बर में 50 लाख रुपये में डाक हुआ था. डाक में कुल आठ लोगों ने भाग लिया था. जिसमें मेदनी नगर चौथम से रीना देवी व सूरज चौधरी, बुच्चा से राजकुमार चौधरी, सोनवर्षा के प्रीतम पासवान, यहीं के शंकर सहनी ने भाग लिया था. जबकि बेलदौर प्रखंड के बारुण से राजकुमार सिंह एवं डुमरी से गोरेलाल सहनी और मानसी प्रखंड के ठाठा के चंदन कुमार ने डाक में भाग लिया था.
बताया जाता है कि सोनवर्षा घाट को बीते साल सितंबर में अस्थाई सैरात घोषित कर तीन माह के लिए सुरक्षित जमा राशि साढ़े चार लाख रुपये निर्धारित किया गया था. इसी को लेकर बीते महीने दिसम्बर में डाक की प्रक्रिया पूरी कर जुगाड़ पुल रीना देवी के नाम से 50 लाख में यह डाक हुआ.
बह गया जुगाड़ पुल का एक हिस्सा.
जुगाड़ पुल बनने में 15 से 20 और नावें लगेगी
डुमरी-उसराहा घाट पर मौजूद नाविकों ने बताया कि कोसी कटाव की जो स्थिति है, उसमें अतिरिक्त 15 से 20 नौकाओं की और जरूरत पड़ेगी. शनिवार व रविवार को भी घाट के दोनों छोड़ पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न रहा. फिलहाल जिस गति से कोसी कटाव जारी है. उसमें कुछ भी कहना मुश्किल लग रहा है कि जुगाड़ कब से यातायात का जुगाड़ बनेगा. नाविकों के मुताबिक जब तक कोसी कटाव स्थिर नहीं हो जाता है. तब तक जुगाड़ पुल की वापसी में दिक्कत है.
हालांकि आवागमन बहाल करने को लेकर युद्धस्तर पर प्रयास जारी है. जुगाड़ में नाव जोड़ने के साथ-साथ कटाव का शिकार हो रहे किनारों को सैंड बैग लगा रोकने की कोशिश जारी है. वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों ने स्टील पाइल ब्रिज की मरम्मत करा पुन: उसे चालू कराने की मांग की है. मालूम हो कि स्टील पाइल ब्रिज वर्ष 2014 से ही क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है. अगर इसकी मरम्मत हो जाती, तो कोसिवासियो को काफी राहत होती.
मनमाना किराया लेने की मिलती रही है शिकायत
डुमरी घाट स्थित बीपी मंडल सेतु के समानांतर नाविकों द्वारा नावों को जोड़कर बनाए गये जुगाड़ पुल के एक हिस्से के बह जाने के बाद से घाट के एक ओर से दूसरी तरह जाने के लिए नाव वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं. यह नाव वाले प्रशासन के नाक के नीचे आम लोगो और वाहन मालिक से नदी पार करने के मनचाही कीमत वसूल रहे हैं जिससे आम लोगो में आक्रोश बढ़ रहा है. यहां यह बता दे कि बीते महीने जुगाड़ पुल की भी मनमानी चुंगी वसूलने की चर्चा बीते खूब रही. प्रशासन द्वारा जारी निर्देश के तहत साइकिल वाले से पांच, मोटरसाइकिल वाले दस, हल्के चार पहिया वाहन से दोनों ओर से पांच सौ,
खाली ट्रैक्टर को दोनों ओर से तीन सौ रुपये चूंगी के रूप में वसूलने का निर्देश दिया गया था. लेकिन बीते महीने घाट पर पैदल व साइकिल चालक से 10, मोटरसाइकिल वालों से 20-30 रुपये, हल्के चार पहिया वाहन से दोनों ओर से छह सौ से आठ सौ रुपये तक वसूले गये. जबकि, ट्रैक्टर से भी मनमाना राशि वसूले जाने की खबरे आती रही.
अगस्त तक तैयार हो सकता है डुमरी पुल
डुमरी पुल के क्षतिग्रस्त पाये को तोड़कर नये पुल का निर्माण युद्धस्तर पर जारी है. पटना के चिड़ैयाटांड़ पुल की तर्ज पर बन रहे पुल का निर्माण जोर-शोर से जारी है. करोड़ो की लागत से बन रहे इस पुल के एनपी वन का वेल कैप का कार्य आठ से नौ जनवरी तक पूरी होने की उम्मीद है. वहीं एनपी टू का लगभग साढ़े पांच मीटर सीकिंग कार्य बाकी है. जो इस महीने के अंत तक पूर्ण होने की उम्मीद है. पुल निर्माण कर रही एसपी सिंगला कम्पनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केके रंजन ने कहा कि पुल निर्माण कार्य जोर-शोर से जारी है. दो पाये में से एक का सीकिंग कार्य पूर्ण होने वाला है. उन्होंने कहा कि पाये के नीचे पत्थर मिलने से परेशानी हो रही है अगर पत्थर नही मिलता तो कार्य बहुत पहले ही पूरा हो जाता. 290 मीटर का केबल स्टे ब्रिज कोसी इलाके को खगड़िया से जोड़ेगा. इसके लिए डुमरी पुल के आठ पाये को तोड़ा गया है. डुमरी पुल के पाया नम्बर 12 से 75 मीटर दूर एक पाया एवं पाया नम्बर 21 से 75 मीटर अंदर एक पाया का निर्माण किया जा रहा है.
