लगान रशीद पर लगी रोक

अनदेखी. हलका कर्मचारी की मनमानी से किसान हो रहे परेशान गैर मजरूआ जमीन के नाम पर राजस्व कर्मचारी लगान रशीद निर्गत नहीं कर रहे हैं, जिस जमीन का लगान रशीद वे वर्षों से कराते आ रहे हैं. उसी जमीन की रशीद काटने से अब राजस्व कर्मचारी मना कर रहे हैं. खगड़िया : सदर अंचल के […]

अनदेखी. हलका कर्मचारी की मनमानी से किसान हो रहे परेशान

गैर मजरूआ जमीन के नाम पर राजस्व कर्मचारी लगान रशीद निर्गत नहीं कर रहे हैं, जिस जमीन का लगान रशीद वे वर्षों से कराते आ रहे हैं. उसी जमीन की रशीद काटने से अब राजस्व कर्मचारी मना कर रहे हैं.
खगड़िया : सदर अंचल के राजस्व कर्मचारियों के कारनामा इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है. किसान परेशान हो रहे हैं. और वे लगातार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं. कई किसानों ने बताया कि उनके जमीन के लगान रशीद निर्गत करने पर रोक लगा दी गई है. कारण पूछे जाने पर इन लोगों ने बताया कि गैर मजरूआ जमीन के नाम पर राजस्व कर्मचारी लगान रशीद निर्गत नहीं कर रहे हैं. जिस जमीन का लगान रशीद वे वर्षों से कराते आ रहे हैं. उसी जमीन की रशीद काटने से अब राजस्व कर्मचारी मना रहे हैं. जिस कारण वे परेशान हैं तथा लगातार वे कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं. कुछ पंचायतों के किसानों की माने तो राजस्व कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं. उच्च अधिकारी के आदेश के बगैर ही राजस्व कर्मचारी उनकी जमीन का लगान रशीद नहीं काट रहे हैं.
क्यों लगी है रोक
मई माह में सदर सीओ नौशाद आलम के द्वारा सभी राजस्व कर्मचारी को लिखे गये पत्र के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है. हालांकि सीओ ने राजस्व कर्मचारी को लिखे पत्र में गैर मजरूआ खास एवं आम जमीन की कायम जमाबंदी का लगान रशीद काटने पर रोक नहीं लगायी थी. लेकिन इसके विपरीत इन दिनों यह शिकायतें लगातार मिल रही है. कि कर्मचारी के द्वारा गैर मजरूआ खास एवं आम जमीन के लगान रशीद काटने पर ही रोक लगा दी गई है
बिक्री पर भी है रोक
उल्लेखनीय है कि गैर मजरूआ खास, आम भू अर्जित जमीन की खरीद बिक्री पर भी रोक लगाई गई है उक्त श्रेणी की जमीन की सूची अपर निबंधन कार्यालय को भी भेजी गई है ताकि ऐसी जमीन की खरीद बिक्री न हो सके. इसके अलावे सरकारी जमीन की जमाबंदी कायम करने पर भी रोक लगी है. हालांकि ऐसी जमीन की लगान रशीद निर्गत करने पर किसी भी स्तर से रोक नहीं लगाई गई है.
क्या था सीओ का आदेश
राज्य तथा जिलास्तर से जारी आदेश के आलोक में सीओ ने मई माह 2016 में सभी राजस्व कर्मचारी को पत्र लिखा था. जिसमें उन्होंने गैर मजरूआ आम एवं खास जमीन की कायम जमाबंदी को रद्द करने का प्रस्ताव देने को कहा था. ताकि ऐसे जमाबंदी के रद्दीकरण का प्रस्ताव अपर समाहर्त्ता के समक्ष भेजा जाए. लेकिन राजस्व कर्मचारी उक्त आदेश का अनुपालन करने की जगह उल्टे लगान रशीद काटने पर ही रोक लगा दी है. जबकि उन्हें ऐसे जमीन की कायम जमाबंदी के रद्दीकरण का प्रस्ताव देना था.
कहते हैं सीओ
सीओ नौशाद आलम ने कहा कि यह सही है कि किसान यह शिकायत कर रहे हैं कि राजस्व कर्मचारी उनके जमीन (गैर मजरूआ) का लगान रशीद नही काट रहे हैं. अबतक कई किसानों ने इस प्रकार की शिकायतें की है. उच्च पदाधिकारी के आदेश के आलोक में उन्होंने गलत तरीके से कायम गैर मजरूआ खास व आम जमीन की जमाबंदी के निरस्तीकरण का प्रस्ताव देने का निर्देश सभी राजस्व कर्मचारियों को दिया था. उनके द्वारा लगान रशीद काटने पर रोक नहीं लगाई गई है. सीओ ने बताया कि एक बार फिर सभी राजस्व कर्मचारी को गैर मजरूआ खास व आम जमीन की जमावंदी के निरस्तीकरण का प्रस्ताव देने को कहा गया है.
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